Abuse to Nigam workers: शहर के प्रतीक्षा बस स्टैंड से लगे रिंग बांध तालाब की 57 डिसमिल जमीन पर कब्जा का मामला, गाली-गलौज करने वालों ने स्टे लगने का दिया हवाला, बाद में बुलाई गई पुलिस
अंबिकापुर। शहर के प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास स्थित रिंग बांध तालाब(Abuse to Nigam workers) में मिट्टी पाटकर कुछ लोगों द्वारा 57 डिसमिल जमीन पर कब्जा कर लिया था। 10 दिन पूर्व मामला सामने आने के बाद प्रशासन की ओर से कहा गया था कि शहर के सभी तालाबों से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसी कड़ी में निगम की उड़दस्ता टीम रिंग बांध तालाब में पाटी गई मिट्टी को हटाने गई थी। इसी बीच कब्जाधारी 2-3 युवक वहां पहुंचे और निगमकर्मियों से गाली-गलौज शुरु कर दी। उन्होंने गाली देते हुए कहा कि अधिकारी को बुलाओ, डंडा लेकर आओ। इस जमीन पर स्टे लगा है। इसके बाद वहां से एक्सीवेटर, डंफर व ट्रैक्टर ड्राइवर समेत निगमकर्मियों को भगाने लगे। बाद में राजस्व, निगम व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई।
शहर के रिंग बांध तालाब पर कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दरअसल शहर के तालाबों को पाटकर कुछ लोगों द्वारा लंबे समय कब्जा किया जा रहा है। समय रहते न तो प्रशासन, न निगम और न जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान दिया। इससे कब्जाधारियों व जमीन का कारोबार (Abuse to Nigam workers) करने वालों के हौसले बुलंद होते चले गए।
आलम यह है कि कई तालाब पर कब्जा हो चुका है। इसी कड़ी में 3 दिन पूर्व प्रशासन ने शहर के भाथूपारा तालाब पर किए गए अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाकर कब्जा मुक्त कराया था। उक्त तालाब को एक होटल के संचालक द्वारा मिट्टी डालकर पाट दिया गया था तथा उस पर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया था।
इधर शहर के रिंग बांध तालाब (Abuse to Nigam workers) के खसरा नंबर 37/14 की 57 डिसमिल जमीन को भी पाटकर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किया गया था। मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर ने बैठक लेकर शहर के सभी तालाबों के सौंदर्यीकरण कराने का निर्णय लिया था, ताकि कोई उस पर कब्जा न कर सके।
निगम कमिश्नर के निर्देश पर उडऩदस्ता टीम मो. इमरान के नेतृत्व में शनिवार की दोपहर रिंग बांध तालाब से अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। तालाब में पाटी गई मिट्टी हटाने के लिए मौके पर 3 एक्सीवेटर, 2 डंपर व 5 ट्रैक्टर लगाए गए थे। इसी बीच किसी की सूचना पर कब्जाधारी 2-3 युवक वहां पहुंच गए। मौके पर पहुंचते ही उन्होंने निगमकर्मियों से गाली-गलौज (Abuse to Nigam workers) शुरु कर दी। उन्होंने कहा कि किसके कहने पर तुमलोग मिट्टी निकाल रहे हो?
उन्होंने गाली देते हुए कहा कि इस जमीन पर स्टे लगा हुआ है, अधिकारी को बुलाओ। फिर निगमकर्मियों को डंडे से मारने की धमकी देने लगे। उन्होंने मौके पर मौजूद निगमकर्मी व वाहन ड्राइवरों से कहा कि यहां से भाग जाओ। इस दौरान ट्रैक्टर में लदी मिट्टी को भी उन्होंने गिरवा दिया। इसके बाद निगमकर्मी ने मामले (Abuse to Nigam workers) की सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
कब्जाधारियों की धमकी से डरे निगमकर्मी व ड्राइवर (Abuse to Nigam workers) वहां से रवाना हो गए। इसी बीच सूचना पर राजस्व, निगम व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोबारा मिट्टी हटाने का काम शुरु किया गया।
निगम के हवाले से कहा गया है कि निगम कमिश्नर व एसडीएम के निर्देश पर हम कार्रवाई करने आए हैं। इस जमीन पर स्टे नहीं लगा है। बिना निगम की अनुमति के कब्जाधारियों द्वारा तालाब को मिट्टी से पाट दिया गया था। जब यह बात पता चली तो प्रशासन तक मामला पहुंचा था।