अंबिकापुर

Good News: अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पहली बार बेडसोर की फ्लैप सर्जरी सफल, अब नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहर

Bedsore Flap Surgery in Ambikapur: पूर्व में बेडसोर से पीडि़त मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों की ओर करना पड़ता था रुख, लेकिन अब यही हो जाएगा इलाज, जानलेवा होती है यह बीमारी

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Bedsore flap surgery, ऑपरेशन करते मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टर्स (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के डॉक्टरों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहां पहली बार बेडसोर (प्रेशर अल्सर) के उपचार के लिए फ्लैप सर्जरी (Bedsore Flap Surgery) सफलतापूर्वक की गई है। बता दें कि बेडसोर से पीडि़त मरीज पिछले 6 माह से काफी परेशान था। लकवा मरीज होने की वजह से वह बेड पर एक ही पॉजिशन में लेटा रहा, ऐसे में उसे बेडसोर हो गया था। सफल सर्जरी के बाद उसे राहत मिलेगी। जटिल मानी जाने वाली इस सर्जरी के सफल होने से क्षेत्र के मरीजों को अब बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

सूरजपुर जिले के भैयाथान निवासी 35 वर्षीय शोभनाथ पिछले 6 माह से पीठ पर बड़े बेडसोर की समस्या से पीडि़त था। पैराप्लेजिया (शरीर के निचले हिस्से में लकवा) के कारण वे लंबे समय से बिस्तर पर थे। बेडसोर के कारण उन्हें प्रतिदिन ड्रेसिंग करानी पड़ती थी, जिससे मरीज और परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. आरसी आर्या के मार्गदर्शन और सलाह के बाद मरीज के स्थायी उपचार के लिए फ्लैप सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। चिकित्सकों के अनुसार इस प्रकार की सर्जरी आमतौर पर बड़े और उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में प्लास्टिक सर्जनों (Plastic surgeons) द्वारा की जाती है।

13 जून को सर्जरी विभाग की टीम ने मरीज का सफल ऑपरेशन किया। चिकित्सकों ने बताया कि बेडसोर अल्सर का आकार काफी बड़ा होने के कारण सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही।

Bedsore disease: पहली बार इस तरह की सर्जरी

सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक है। बेहतर निगरानी और देखभाल के लिए उसे सर्जिकल आईसीयू में रखा गया है, जहां चिकित्सकों (Medical college doctors) की टीम लगातार उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में सर्जरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. मनोज भारती के नेतृत्व में डॉ. आनंद साहू एवं डॉ. अप्पू की भूमिका रही।

वहीं एनेस्थीसिया टीम में डॉ. रूपक कुमार और डॉ. शिवम शर्मा शामिल रहे। स्टाफ नर्स जैसिंटा ने भी ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पहली बार इस प्रकार की फ्लैप सर्जरी सफल होने को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

Published on:
16 Jun 2026 01:12 pm