
अंबिकापुर. Big Scam in CSPDCL: सरगुजा जिले के छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के सीतापुर उप संभाग में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत से उपभोक्ताओं द्वारा जमा किए गए लगभग 3 करोड़ रुपए के गबन (3 crore scam) का मामला सामने आया है। इसका खुलासा तब हुआ जब छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) द्वारा ऑडिट कराया गया। इस मामले में कंपनी ने एक सहायक अभियंता (Assistant Engineer) व 2 कार्यालय सहायक को निलंबित कर दिया गया है। वहीं कंपनी द्वारा पूरी जांच की जा रही है। इस मामले में कई और के नाम सामने आ सकते हंै। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
गौरतलब है कि प्रदेश में बदहाल बिजली व्यवस्था के लिए एक ओर जहां बिजली चोरी को जिम्मेदार ठहराया जाता है, वहीं दूसरी ओर विभागीय अधिकारी भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। उपभोक्ताओं की ओर से जमा की गई बिल की धनराशि के बंदरबांट में लगे हैं। सरगुजा जिले के छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के सीतापुर उप संभाग में अधिकारियों-कर्मचारियों की मिली भगत से तीन करोड़ रुपए का गबन किया गया है। यह मामला अपै्रल २०१९ से अब तक का है।
ऑडिट से खुली गबन की पोल
इसकी जानकारी तब हुई जब छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सीतापुर संभाग का ऑडिट कराया गया। ऑडिट में तीन करोड़ रुपए का गबन किए जाने का मामला सामने आते ही विद्युत विभाग में हड़कंप मच गया। इस मामले में विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए तात्कालिक एक सहायक अभियंता व दो कार्यालय सहायक को निलंबित कर दिया गया है। ये तीनों उक्त कार्यकाल के दौरान वहीं पर पदस्थ थे।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) द्वारा टीम गठित कर मामले की जांच की जा रही है। जांच प्रतिवेदन आने के बाद ही विभाग द्वारा ठोस कार्रवाई की जाएगी। जांच में इस मामले में और अधिकारी-कर्मचारियों के नाम सामने आ सकते हंै। फिलहाल विद्युत विभाग द्वारा इसकी शिकायत संबंधित थाने में भी की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
ऐेसे हुआ घोटाला
बिजली विभाग के सीतापुर उप संभाग में अपै्रल 2019 से लेकर अब तक उपभोक्ताओं से बिजली के बिलों का भुगतान का पैसा तो ले लिया गया। उपभोक्ताओं को भुगतान के बदले में रसीद भी दी गई लेकिन अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा जमा भुगतान को विद्युत कंपनी के खाते में जमा नहीं कराया। जब ऑडिट किया गया तब मामला सामने आने पर तीन लोगों को निलंबित कर दिया गया है।
जांच के बाद दोषियों पर होगी एफआईआर
कार्यपालन अभियंता ग्रामीण आर नागवंशी का कहना है कि यह मामला वर्ष 2019 से अब तक का है। इस मामले में विभाग द्वारा किए गए जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तीन लोगों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। जांच अभी चल रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।