अंबिकापुर

Breaking News: मां कुदरगढ़ी एल्यूमिना प्लांट में बड़ा हादसा: कोयले का बंकर गिरने से 7 मजदूर दबे, 2 की मौत, रेस्क्यू जारी

Breaking News: सरगुजा के लुंड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिलसिला में स्थित है मां कुदरगढ़ी एल्यूमिना हाइड्रेट प्लांट, पूर्व में ग्रामीणों ने प्लांट खुलने का किया था विरोध
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Updated: 8 Sep 2024, 1:49 PM IST
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अंबिकापुर. Breaking News: सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिलसिला स्थित मां कुदरगढ़ी एल्यूमिना हाइड्रेट प्लांट में रविवार की सुबह करीब 11 बजे बड़ा हादसा (Breaking News) हो गया। काम के दौरान कोयले का बंकर गिर जाने से उसके नीचे 7 मजदूर दब गए। काफी मशक्कत के बाद 3 मजदूरों को निकालकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया। यहां 2 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक का इलाज जारी है। वहीं बंकर के नीचे दबे अन्य मजदूरों को निकालने रेस्क्यू जारी है।

मां कुदरगढ़ी एल्यूमिना हाइड्रेट प्लांट में मैनपाट के परिशोधन बॉक्साइट से एल्यूमिनियम बनाया जा रहा है। रविवार को भी प्लांट में काम चल रहा था। सुबह करीब 11 बजे अचानक कोयले का बंकर (हॉपर) व करीब 150 फीट बेल्ट वहां काम कर रहे मजदूरों पर गिर गया।

हादसे में बंकर के नीचे काम कर रहे 7 मजदूर दब (Breaking News) गए। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्लांट प्रबंधन की बचाव टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शूरु किया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद दबे 3 मजदूरों को बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया।

यहां जांच पश्चात 2 मजदूरों मध्यप्रदेश के मंडला निवासी प्रिंस राज व मनोज को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि 1 का इलाज जारी है।

Breaking News: रेस्क्यू का काम जारी

प्लांट में बंकर के नीचे दबे अन्य 4 मजदूरों का रेस्क्यू (Breaking News) किया जा रहा है। भारी-भरकम बंकर को गैस कटर से काटकर मजदूरों को निकालने की कवायद जारी है। हादसे के बाद से प्लांट में हडक़ंप मचा हुआ है।

सूचना मिलते ही रघुनाथपुर चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह दल-बल के साथ मौके पर मौजूद हैं, वहीं एल्यूमिना प्लांट के अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके हैं।

प्रबंधन की लापरवाही आ रही सामने

बताया जा रहा है कि प्लांट प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। सूत्र बताते हैं कि पूर्व में भूसे से प्लांट का ब्रायलर (बेल्ट) चलाया जाता था। इस महीने के पहले दिन से कोयले का उपयोग किया जाने लगा। वजन अधिक हो जाने की वजह से हादसा होने की बात कही जा रही है।

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8 Sep 2024, 1:49 PM IST
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