
अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम (Chhattisgarh DGP) शनिवार को अंबिकापुर दौरे पर रहे। उन्होंने पुलिस कॉर्डिनेशन सेंटर में सरगुजा संभाग की कानून-व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक ली। बैठक में सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा सहित सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक और राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद उन्होंने प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब कोई बड़ा हथियारबंद नक्सली समूह सक्रिय नहीं है। केवल इक्का-दुक्का नक्सली ही बचे हैं, जो गांवों में छिपे हुए हैं।
डीजीपी (Chhattisgarh DGP) ने बताया कि संभाग में अपराध नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और थाना स्तर की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि सरगुजा एक बड़ा ग्रामीण क्षेत्र है, जहां कई बार पुलिस की पहुंच सीमित हो जाती है। ऐसे में पारंपरिक और व्यवहारिक पुलिसिंग तरीकों को अपनाने की जरूरत है।
उन्होंने अधिकारियों को अपने क्षेत्र और थाना की बारीक जानकारी रखने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस अधीक्षकों को कम्युनिटी पुलिसिंग बढ़ाने और रेंज आईजी को एसडीओपी के कार्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। डीजीपी अरुण देव गौतम ने बस्तर में नक्सलवाद (Chhattisgarh DGP) को लेकर कहा कि अब स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब कोई बड़ा हथियारबंद नक्सली समूह सक्रिय नहीं है। केवल कुछ इक्का-दुक्का नक्सली ही बचे हैं, जो गांवों में छिपे हुए हैं।
डीजीपी (Chhattisgarh DGP) ने कहा कि गांजा, अफीम और अन्य नशीले पदार्थों की सप्लाई रोकना जितना जरूरी है, उतना ही उनकी मांग कम करना भी जरूरी है। इसे केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं माना जा सकता, बल्कि समाज को भी इसमें भागीदारी निभानी होगी।
उन्होंने बताया कि पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गांजा की खेती बड़े पैमाने पर होती थी, जिससे नक्सलियों को आर्थिक लाभ मिलता था। अब इस पर काफी नियंत्रण पाया गया है, लेकिन हालिया रिपोर्ट में राज्य में गांजा की खपत बढऩे की बात सामने आई है, जो चिंता का विषय है।
नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मुद्दे पर DGP (Chhattisgarh DGP) ने कहा कि कानून काफी सख्त है। यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते पकड़ा जाता है तो वाहन मालिक पर कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों में कई कार्रवाई की जा चुकी है और हाई कोर्ट ने भी इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में यातायात नियमों के उल्लंघन की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिसे रोकने में परिवार और स्कूलों की अहम भूमिका है।
डीजीपी (Chhattisgarh DGP) ने बताया कि कुछ बाहरी राज्यों के लोग छत्तीसगढ़ में जमीन किराए पर लेकर अफीम की खेती करने की कोशिश कर रहे हैं। भोले-भाले किसानों को धोखे में रखकर खेती कराई जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस इस मामले में पूरी तरह सतर्क है और ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।