अंबिकापुर

सरगुजा में 2 साल में 550 लोगों ने की आत्महत्या, आंकड़े चिंताजनक, सामने आ रही ये वजह

Commits suicide: लगातार बढ़ रहे आत्महत्या के मामले, किशोर व युवा नहीं झेल पा रहे तनिक भी प्रेशर, अच्छी सीख के लिए अभिभावकों की डांट भी उन्हें गुजर रहा नागवार
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Updated: 11 Feb 2024, 3:43 PM IST
Commits suicide
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अंबिकापुर. Commits suicide: सरगुजा जिले में बीते कुछ सालों से लगातार आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बीते दो साल की बात करें तो वर्ष 2022 व 2023 में 550 लोगों ने मौत को गले लगाया है। हर साल आत्महत्या के आंकड़े बढ़ते ही जा रहे हैं। ये चिंताजनक है। डिप्रेशन सहित अन्य कई कारणों से लोग अपनी जान दे रहे हैं। मानसिक तनाव, प्रेम प्रसंग, घरेलू कलह इसकी बड़ी वजह हैं। इन आंकड़ों में भी ज्यादातर युवा शामिल है।


सरगुजा डीसीआरबी (डिस्ट्रिक्ट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) के आंकड़ों की मानें तो ज्यादातर युवा सर्वाधिक प्रेम-प्रसंग, नशे की लत सहित अन्य कारणों से मौत को गले लगा रहे हैं। पिछले दो वर्ष में सरगुजा जिले में 550 लोगों ने आत्महत्या की है। इसमें 66 पढऩे वाले छात्र-छात्राएं हैं।

आत्महत्या करने वालों में युवाओं की संख्या ज्यादा है। इसका प्रमुख कारण प्रेम में विफलता व परिवारिक रहा। सरगुजा जिले में वर्ष 2022 में 266 लोगों ने आत्महत्या की थी। इसमें 28 पढऩे वाले छात्र-छात्राएं शामिल थे।

वहीं वर्ष 2023 में 284 लोगों ने आत्महत्या की थी। इसमें 38 छात्र-छात्राएं है। पिछले दो साल में 550 लोगों ने आत्महत्या की है। इन आकड़ों से पता चलता है कि आज के युवा मानसिक दबाव नही झेल पा रहे हैं और अपनी जान दे रहे है।

प्रेशर नहीं झेल पा रहे आज के युवा
आत्महत्या करने वालों में युवाओं की बढ़ती संख्या चिंताजनक है। आज की युवा पीढ़ी ज्यादा दबाव नहीं झेल पा रही है। सहनशीलता की कमी भी बड़ा कारण बन गया है।

अच्छी सीख के लिए अभिभावकों की डांट भी युवाओं को इतनी खराब लग जाती है कि वे मौत को गले लगा लेते हैं, ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। वहीं सबसे अधिक प्रेम-प्रसंग के मामलों में युवाओं द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात सामने आती है।

इन स्थितियों में हो जाएं सजग
- निराशा रहना
- अनिद्रा के लक्षण
- चिंता में रहना
- चिड़चिड़ापन की स्थिति
- अकेलापन

उपाय
- अकेले रहने से बचें
- आसपास ऐसी वस्तु न रखें जिनका उपयोग आप आत्महत्या के लिए कर सकें।
- रचनात्मक कार्यों में खुद को व्यस्त करने की कोशिश करें।
- करीबियों से अपनी परेशानी पर खुलकर चर्चा करें।

क्षणिक आवेग की स्थिति है बड़ा कारण
आत्महत्या क्षणिक आवेग की स्थिति में होता है। इसलिए ऐसे आवेगपूर्ण स्थिति से निकलने के लिए कुछ उपाय करने चाहिए। युवाओं में बढ़ता अवसाद आत्महत्या की प्रवृत्ति को बढ़ाने का एक बहुत प्रमुख कारण है।
डॉ. तृप्ति विश्वास, एचओडी, साइकोलॉजी, पीजी कॉलेज

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