Crime news: रॉड से हुए हमले में दंपती हो गए बेहोश, सूचना मिलने पर बेटा पहुंचा तो उसके साथ भी की गई मारपीट, इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे तो वहां भी दोनों पक्षों के बीच बनी विवाद की स्थिति
अंबिकापुर. कोर्ट के आदेश पर नातिन से मिलने बेटी के ससुराल गए नाना-नानी पर जानलेवा हमला (Crime news) करने का मामला प्रकाश में आया है। घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों को अस्पताल लेकर आने के बाद अस्पताल परिसर में भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट की नौबत बन गई, जिससे काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।
शहर के नवागढ़ निवासी महबूब अंसारी की पुत्री जाकिया अंसारी का विवाह लगभग 4 वर्ष पूर्व अयान मार्ग निवासी आदिल खलीफा पिता मुजाहिद खलीफा 28 वर्ष से हुआ था। दोनों के दांपत्य जीवन के बीच पुत्री का जन्म हुआ। इसके बाद जाकिया की बीमारी से मौत हो गई थी।
बेटी की मौत (Crime news) के बाद लगभग 2 वर्ष से नवागढ़ में रहने वाले नाना-नानी महबूब अंसारी और सलामुन अंसारी 40 वर्ष अपनी नातिन से मिलने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन बच्ची से उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा था। ऐसे में मामला कुटुम्ब न्यायालय में संज्ञान में उन्होंने लाया था,
जिस पर न्यायालय के द्वारा प्रत्येक मंगलवार को ढाई वर्ष की हो चुकी बच्ची से नाना-नानी को मिलने की अनुमति दी थी। न्यायालय के आदेश (Crime news) पर महबूब अंसारी और उनकी पत्नी सलामुन अंसारी मंगलवार को शाम लगभग 4 बजे अपनी दिवंगत बेटी के अयान मार्ग में स्थित ससुराल में नातिन से मिलने के लिए गए थे।
महबूब अंसारी का आरोप है कि मिलने जाने के दौरान दामाद आदिल खलीफा के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों ने उन पर रॉड सहित अन्य चीजों से हमला (Crime news) कर दिया, जिससे वे बेहोश हो गए थे। इसकी जानकारी जब उनके पुत्र रूहुल अमीन को मिली तो वह मौके पर पहुंचा,
यहां उसके साथ भी मारपीट की गई, जिसमें वह घायल हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची और घायल महबूब अंसारी, सलामुन और रूहुल को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर चिकित्सकीय परीक्षण कराने पहुंची।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दोनों पक्ष के लोगों का जमघट लग गया और विवाद के साथ ही मारपीट (Crime news) की स्थिति बन गई। इस दौरान मौके पर मौजूद कोतवाली और पुलिस सहायता केंद्र की पुलिस ने मोर्चा संभाला। बताया जा रहा है कि दूसरे पक्ष के लोगों की स्थिति सामान्य है।
वहीं रोजा रखे दंपती और इनके पुत्र को गंभीर चोटें आई हैं। हमले से बचने के लिए लोग इधर-उधर दौड़ लगाने लगे, जिससे अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों के परिजन भी दहशत में आ गए। लगभग आधे घंटे तक ऐसी परिस्थिति बनी रही।