अंबिकापुर

Delivery on floor case: अस्पताल में फर्श पर महिला ने दिया था बच्चे को जन्म, 4 घंटे नदारद थे डॉक्टर-नर्स, महिला आरएचओ सस्पेंड

Delivery on floor case: रक्षाबंधन के दिन प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती महिला अपनी सास के साथ आई थी भटगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मोबाइल बंद कर ड्यूटी से गायब थे डॉक्टर-नर्स
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Delivery on floor case
Child birth on hospital floor (Photo- DB)

अंबिकापुर/भटगांव। सूरजुपर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भटगांव में 9 अगस्त को एक महिला ने फर्श पर बच्चे को जन्म (Delivery on floor case) दिया था। अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर, नर्स समेत अन्य स्टाफ 4 घंटे तक ड्यूटी से गायब थे। 4 घंटे बाद डॉक्टर वहां पहुंची तो इलाज शुरु किया। उसने प्रसूता की सास से फर्श पर लगा खून भी साफ कराया था। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर जांच पश्चात महिला आरएचओ को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि मेडिकल ऑफिसर व स्टाफ नर्स पर कार्रवाई के लिए जांच प्रतिवेदन रायपुर भेजा गया है।

सूरजपुर जिले के ओडग़ी विकासखंड निवासी कुन्ती पंडो 27 वर्ष अपनी सास इंजोरिया पंडो के साथ भटगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव (Delivery on floor case) कराने 9 अगस्त को आई थी। इस दौरान अस्पताल के प्रसव कक्ष में न कोई डॉक्टर था और न स्टाफ नर्स। इस दौरान प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला ने फर्श पर बच्चे को जन्म दिया था।

Officers reached in hospital

4 घंटे बाद महिला डॉक्टर वहां आई थी। जबकि डॉक्टर व नर्स का मोबाइल भी स्वीच ऑफ था। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए जिला स्तरीय समिति द्वारा जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

जांच रिपोर्ट (Delivery on floor case) में आरएचओ (महिला) विक्टोरिया केरकेट्टा के कार्य में लापरवाही की पुष्टि होने पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबित कर दिया गया है।

Suspension letter (Photo- Patrika)

इसके साथ ही ड्यूटी रोस्टर के अनुसार संबंधित मेडिकल ऑफिसर डॉ. आरपी मिंज व स्टाफ नर्स शीला सोरेन पर भी कार्रवाई की अनुशंसा कर राज्य शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।

Delivery on floor case: स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के दिए थे निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस मामले के संज्ञान में आते ही स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को पूरे मामले की जांच करने और दोषी अधिकारी-कर्मचारी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके परिपालन में जिला स्तरीय जांच टीम का गठन कर जांच रिपोर्ट (Delivery on floor case) प्रस्तुत की गई।

Published on:
12 Aug 2025 08:37 pm