
अंबिकापुर। भारत सरकार के शिक्षा एवं साक्षरता उपसचिव चरणजीत सिंह तनेजा 27 सितंबर को अंबिकापुर पहुंचे। उन्होंने यहां कलेक्टर (Surguja Collector) एवं जिला मिशन संचालक के मार्गदर्शन, जिला पंचायत के सीईओ एवं जिला परियोजना संचालक के निर्देशन में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय सरगवां का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से मुलाकात कर विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि यहां भोजन, पानी, पढ़ाई में कोई परेशानी तो नहीं हो रही है? इस दौरान छात्राओं ने उनके सवालों का सहजता से जवाब दिया। निरीक्षण के दौरान उपसचिव समेत अन्य अधिकारियों ने छात्राओं के हाथों बनाई गईं टोकरी, मूर्तिकला भी देखी। उन्होंने कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय प्रबंधन के कार्यों की सराहना की।
शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय से अंबिकापुर पहुंचे उप सचिव (Deputy Secretary) के साथ राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा से उपसंचालक डीके कौशिक, सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक राजेश सिंह, राज्य कार्यालय से राजेश सिन्हा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अधीक्षिका गुलाब खेस से छात्रावास के संचालन की पूरी जानकारी ली।
वहीं छात्राओं से भी हॉस्टल एवं विद्यालय (Kasturaba School Ambikapur) से संबंधित गतिविधि पर चर्चा की। छात्रावास की भोजन व्यवस्था, खेलकूद, पढ़ाई एवं अन्य सुविधाओं के विषय में चर्चा की गई। इस दौरान उनहेंने छात्रा कुंती द्वारा स्थानीय भाषा में गीत सुनाया गया। इस पर उप सचिव द्वारा उसकी सराहना करते हुए बधाई दी गई।
निरीक्षण के दौरान उप सचिव ने संस्था में प्रतिमाह प्रकाशित होने वाली ‘दिशा’ एवं ‘विज्ञान जगत’ पत्रिका का विमोचन भी किया। उन्होंने कस्तूरबा प्रबंधन के कार्यों की सराहना करते हुए छात्रावास में बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए और क्या किया जा सकता है, इस पर चर्चा कर शिक्षकों और बच्चों के सुझाव भी लिए।
उपसचिव चरणजीत सिंह तनेजा समेत अन्य अधिकारियों ने व्यावसायिक शिक्षा अंतर्गत टोकरी निर्माण, मूर्ति कला, चित्रकला का अवलोकन कर छात्राओं का उत्साहवद्र्धन किया। वहीं छात्राओं (Kasturaba Students) ने अपने हाथों से बनाई कला कृतियां स्मृति चिन्ह के रूप में अधिकारियों को भेंट की। निरीक्षण के दौरान एपीसी समग्र शिक्षा करूणेश श्रीवास्तव व दीपमाला सिंह उपस्थित रहे।