Elephant killed villager: सूरजपुर जिले के कल्याणपुर से लगे एक गांव में हाथी के हमले में युवक की हो गई मौत, मुआवजा और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग
अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के कल्याणपुर से लगे जंगल में बुधवार की शाम दल से बिछड़े हाथी ने काम से लौट रहे एक युवक को कुचलकर मार डाला। हाथी को देखते ही युवक ने भागना शुरु किया, लेकिन हाथी उसे दौड़ाने लगा और करीब 200 मीटर दौड़ाने के बाद उसे सूंड से पटक कर पैरों से कुचल (Elephant killed villager) दिया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
इधर घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने गुरुवार की सुबह शव को कल्याणपुर चौक स्थित सडक़ पर रखकर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलते ही एसडीएम, एसडीओपी समेत पुलिस व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश दी। मृतक की पत्नी को उचित मुआवजा व वन विकास समिति में काम देने का भरोसा दिलाए जाने के बाद चक्काजाम समाप्त किया गया।
सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत कल्याणपुर के ग्राम कोटबहरा निवासी केशव भोय पिता साधु भोय 30 वर्ष मजदूरी करता था। बुधवार की शाम को वह काम से घर लौट रहा था। इसी दौरान कोटबहरा जंगल (Elephant killed villager) से निकले एक हाथी ने उसे दौड़ाना कर दिया।
यह देख युवक भागने लगा, लेकिन हाथी ने उसे दौड़ाकर सूंड में लपेटकर जमीन पर पटक दिया, फिर पैरों से कुचलकर मार डाला। घटना (Elephant killed villager) की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन व गांव के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पर वन विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और शव को पीएम के लिए ले जाया गया।
इधर हाथियों के हमले में युवक की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग व प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गुरुवार को अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग स्थित ग्राम कल्याणपुर चौक पर चक्काजाम कर प्रदर्शन करने की बात कही थी।
गुरुवार की सुबह पीएम पश्चात वन विभाग ने युवक का शव उसके परिजन को सौंप दिया। इधर ग्रामीण कल्याणपुर चौक पर विरोध प्रदर्शन करने इकट्ठे हो चुके थे। इसी बीच ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से युवक का शव (Elephant killed villager) नीचे उतारा और सडक़ पर रखकर प्रशासन, पुलिस व वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
उन्होंने वन विभाग पर हाथियों (Elephant killed villager) के गांव की ओर आने की सूचना नहीं देने का आरोप लगाया। वे मृतक के परिजन को 1 करोड़ रुपए मुआवजा, पत्नी को सरकारी नौकरी व 2 बच्चों के पढ़ाई और पालन-पोषण की मांग करने लगे। चक्काजाम से करीब 1 घंटे तक अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर वाहनों की लाइन लग गई।
सूचना मिलते ही एसडीएम शिवानी जायसवाल, एसडीओपी के अलावा पुलिस व वन विभाग की टीम प्रदर्शन स्थल पर पहुंची। एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाइश दी कि वे चक्काजाम समाप्त करें।
अंत में मृतक के अंतिम संस्कार के लिए तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 50 हजार, हाथी के हमले में शासन की ओर से मिलने वाला 6 लाख मुआवजा दिए जाने, मृतक (Elephant killed villager) की पत्नी को वन विकास समिति में प्रतिमाह 6 हजार की नौकरी देने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।