कमिश्नर-आईजी व कलक्टर तक पहुंचा मामला, थाने में भी हुई लिखित शिकायत, सरगुजा विवि प्रबंधन भी कार्रवाई की तैयारी में
अंबिकापुर. 20 जुलाई को सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलपति के ऑफिस में बिना दरवाजा खटखटाए इंजीनियरिंग कॉलेज लखनपुर के प्राचार्य घुस गए। इस पर कुलपति ने आपत्ति जताई तो प्राचार्य ने अभद्रता की तथा अपनी बांहें भी चढ़ा लीं। इस बात का जिक्र कुलपति ने विवि प्रबंधन की ओर से प्राचार्य को दी गई नोटिस में लिखा है।
इधर प्राचार्य ने चौकी में शिकायत दर्ज कराई है कि जब वे कुलपति के कमरे में घुसे और अपनी जरूरी फाइलें देखने को दीं तो कुपलति ने उसे बिना देखे फेंक दिया तथा अभद्रता की। यह मामला कमिश्नर, आईजी व कलक्टर तक पहुंच चुका है। इधर विवि प्रबंधन प्राचार्य पर कार्रवाई की तैयारी में है।
सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रोहिणी प्रसाद के कक्ष में 20 जुलाई को बिना अनुमति के प्रवेश के बाद दोनों के बीच जमकर तू-तू-मैं-मैं हुई थी। तकरार इतनी बढ़ गई कि एक ने बांहें चढ़ा ली। देख लेने की भी धमकी दी गई। इस तकरार के संबंध लखनपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरएन खरे ने आईजी को पत्र के माध्यम से स्थितियों से अवगत कराया।
प्राचार्य ने कलक्टर से उनके आवास पर मिल कर भी पूरी बातें बताईं। मणिपुर पुलिस चौकी में भी उन्होंने मामले की शिकायत की है। पुलिस महानिरीक्षक को प्रस्तुत पत्र में डॉ. खरे ने कहा कि कुलपति प्रो. रोहिणी प्रसाद विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज के सहायक प्राध्यापकों से विश्वविद्यालय में लिपीकीय कार्य लेते हैं।
सहायक प्राध्यापकों के नहीं होने की स्थिति में कॉलेज का पठन पाठन प्रभावित होता है। कुलपति से जब इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने दुव्र्यवहार किया तथा मना करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
ये भी लगाए आरोप
प्राचार्य ने आरोप लगाया है कि टेक्यू-3 की तहत कार्यों को कराये जाने से कुलपति द्वारा मना किया जाता है। उन्होंने बताया कि कुलपति के व्यवहार से कॉलेज के शिक्षक परेशान हैं। यहीं नहीं विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज का बजट विश्वविद्यालय में उपयोग किया जाता है।
डॉ. खरे ने शनिवार को पुलिस महानिरीक्षक को सम्बोधित पत्र उच्च शिक्षा मंत्री के सहायक, उच्च शिक्षा विभाग, कमिश्नर, कलक्टर और सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलसचिव को भी प्रेषित किया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. खरे ने मणिपुर पुलिस चौकी में शिकायत की है जिसमें कुलपति द्वारा फाइल फेंकने और अभद्रता का जिक्र किया गया है। इस संबंध में मणिपुर चौकी प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों का बयान लिया जाएगा। बयान के बाद नियमानुसार कार्यवाही होगी।
विश्वविद्यालय ने प्राचार्य को दी 2 नोटिस
सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रोहिणी प्रसाद के कक्ष में डॉ. आरएन खरे से हुए प्रकरण के बाद विश्वविद्यालय ने डॉ. खरे को दो नोटिस जारी की है। नोटिस में कहा गया है कि बिना अनुमति के कुलपति के कक्ष में प्रवेश, अभद्रता तथा बाहें चढ़ा कर धमकी दी गई। दूसरी नोटिस में टेक्यू-3 में प्राप्त राशि से खरीदी की गई, जिसका भौतिक सत्यापन कराया जाना था।
भौतिक सत्यापन की अद्यतन पंजी उपलब्ध नहीं कराई गई तथा डीएमएफ (जिला खनिज निधि) से प्राप्त राशि के कार्य की स्थितियों से अवगत नहीं कराया गया। इस संबंध में ३ दिनों में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
नोटिस का दिया जवाब
डॉ. आरएन खरे ने नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि कुलपति के कक्ष में बिना अनुमति प्रवेश, दुव्र्यवहार, बाहें चढ़ाकर धमकी की शिकायत निराधार है। फाइलें फेंक कर दुव्र्यवहार कर झूठे, अनर्गल आरोप लगा रहे हंै। पूर्व में भी कुलपति द्वारा दुव्र्यवहार किया गया है।
कुलपति ने किया है दुव्र्यवहार
कुलपति ने कक्ष में मेरे साथ अभद्रता तथा दुव्र्यवहार किया है। मैं विश्वविद्यालय के कार्य परिषद का सदस्य, सम्पदा अधिकारी तथा प्राचार्य हूं। ऐसी स्थितिं में कुलपति के कक्ष में जाना अनाधिकृत नहीं है। कुलपति द्वारा लगाये आरोप बेबुनियाद हैं। शैक्षिक बैठक तथा पत्नी के इलाज के लिए अवकाश मांगने ३ फाइल ले कर गया था। कुलपति ने ये फाइल फेंकते हुए अपमानित किया।
डॉ. आरएन खरे, प्राचार्य, विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज