अंबिकापुर

मृत्यु के बाद भी एक महिला 11 साल से कर रही है मनरेगा में मजदूरी, समय पर ले रही पैसे

Unique news: भ्रष्टाचार का मामला उजागर, ग्रामीणों ने जनदर्शन में कलेक्टर से की शिकायत, रोजगार सहायक व मेट द्वारा किया गया है फर्जीवाड़ा, मामले की होगी प्रशासनिक जांच

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Villagers came in Collector Jandarshan

अंबिकापुर. Unique news: सरगुजा जिले के उदयपुर ब्लॉक से एक ऐसा मामला सामने आया है कि जिसमें भ्रष्टाचार करने मृत महिला को भी जीवित बता दिया गया। मनरेगा में मृत हो चुके लोग भी भी काम कर रहे हैं। वर्ष २०१३ में मृत महिला कागजों में सालों से मजदूरी करते आ रही है और अपना भुगतान भी समय पर ले रही है। यह फर्जीवाड़ा रोजगार सहायक व मेट द्वारा किया गया है। इनके द्वारा फर्जी मस्टर रोल भरकर मजदूरी की राशि आहरित कर ली गई है। आक्रोशित ग्रामीणों ने मामले की शिकायत मंगलवार को जनदर्शन में कलेक्टर से की है। ग्रामीणों ने दोषियों को नौकरी से हटाने व इनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की मांग की है।


ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि रोजगार सहायक संतोष यादव व मेट मीना सिंह उदयपुर ब्लॉक के ग्राम नमना एवं शंकरपुर के रहने वाले हैं। रोजगार सहायक द्वारा मनरेगा में कार्य करने के लिए मजदूरों की सूची तैयार की गई है।

इसमें अपने माता मलेश्वरी एवं पिता लालचंद की भी मजदूरों की सूची में नाम शाामिल कर 1 अपै्रल 2017 से 24 अक्टूबर 2023 तक बिना काम किए मजदूरी का भुगतान किया गया है।

रोजगार सहायक के माता-पिता ने एक दिन भी मनरेगा में मजदूरी का काम नहीं किया है। वहीं मुंशी (मेट) मीना सिंह की दादी मानमति की वर्ष 2013 में मृत्यु हो गई है। इसके बावजूद रोजगार सहायक व मेट द्वारा मजदूरी सूची में उसका नाम डालकर मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है।


ग्रामीणों ने की अपराध दर्ज कराने की मांग
फर्जीवाड़ा किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। मंगलवार को काफी संख्या में ग्रामीण जनदर्शन में पहुंचे थे। इन्होंने कलेक्टर से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार सहायक व मेट द्वारा कूटरचना कर दस्तावेज तैयार कर लाभ लिया गया है। इनके खिलाफ उदयपुर थाना में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाए।


बहन व माता के नाम पर भी फर्जीवाड़ा
ग्रामीणों ने मेट मीना ङ्क्षसह पर आरोप लगाया है कि उसने अपनी मां मानमति व बहन सुमेली का भी नाम मजदूरी सूची में नाम शामिल कर फर्जी तरीके से भुगतान कराया है।

जबकि इन दोनों ने भी एक दिन भी मजदूरी नहीं की है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार सहायक व मेट ने गलत दस्तावेज तैयार कर मजदूरी की राशि गबन की है।


जिला पंचायत सीईओ ने दिए जांच के निर्देश
मनरेगा में फर्जी हाजिरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। आए दिन फर्जी हाजिरी भरकर मजदूरी का भुगतान करा लिया जाता है। वहीं जिपं सीईओ नूतन कंवर ने उक्त मामले की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने जनपद के अफसरों को निर्देशित किया है।

Published on:
05 Mar 2024 09:17 pm
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