
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के दरिमा में बिजली विभाग में पदस्थ महिला अधिकारी ने विभाग में काम करने वाले एक ठेकेदार को 16 लाख की चपत (Big Fraud) लगा दी। आरोप के अनुसार महिला इंजीनियर ने पहले तो 15 लाख रुपए की मांग ठेकेदार से की थी। रुपए देने में असमर्थता जताने पर उसने अंबिकापुर शहर में स्थित अपना मकान उसे दिखाकर सौदा किया और ठेकेदार से 16 लाख रुपए ले लिए। जब रजिस्ट्री कराने की बारी आई तो वह टालमटोल करने लगी। इस दौरान उसका ट्रांसफर और प्रमोशन रायपुर में हो गया। कई बार ठेकेदार ने रजिस्ट्री कराने कहा, लेकिन उचित जवाब नहीं मिला, रुपए भी वापस नहीं हुए। इसी बीच ठेकेदार को पता चला कि जिस मकान का वह रजिस्ट्री कराना चाहता है, महिला अधिकारी पहले ही उसे किसी और को बेच चुकी है। काफी प्रयास के बाद भी जब ठेकेदार को रुपए नहीं मिले तो उसने कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।
शहर से लगे दरिमा-रायगढ़ रोड निवासी प्रीतम गोयल बिजली विभाग में ठेकेदारी (Electric Contractor) का भी काम करता है। बिजली विभाग का कार्य करने के दौरान वर्ष 2024 में उसका परिचय बिलिंग आदि कार्य के दौरान सीएसपीडीसीएल कार्यालय दरिमा में पदस्थ सहायक अभियंता रूपजिंदर कौर भल्ला से हुई थी। परिचय होने के बाद अधिकारी ने जरूरत बताते हुए 15 लाख रुपए ठेकेदार से मांगे, जिस पर प्रीतम गोयल में एकमुश्त इतनी राशि देने में असमर्थता जताई।
इसके बाद सहायक अभियंता ने ठेकेदार को अंबिकापुर के दर्रीपारा में स्थित अपना मकान दिखाया और इसे बेचने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद 16 लाख रुपए में मकान का सौदा हुआ और पूरी रकम सहायक अभियंता (Assistant Engineer CSPDCL) ने प्राप्त कर ली। रुपए देेने के बाद रजिस्ट्री की बारी आई तो इंतजार की स्थिति बनने लगी।
रिपोर्ट के अनुसार सहायक अभियंता रूपजिंदर कौर का स्थानांतरण रायपुर हो गया, जहां वह कार्यपालन अभियंता के पद पर पदस्थ हो गई। ठेकेदार ने कई बार रायपुर जाकर और संचार, चैट के माध्यम से मकान का रजिस्ट्री करा देने का आग्रह किया, लेकिन किसी प्रकार की संतोषप्रद जवाब नहीं मिल पाया।
महिला अधिकारी की ओर से किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिलने पर उसने अंबिकापुर के गांधीनगर में स्थित बिजली विभाग के कार्यालय में जाकर वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य से संपर्क किया। इस दौरान पता चला कि जिस मकान का रजिस्ट्री (Home Registry) कराने के लिए वह चक्कर काट रहा है, उसे वह पहले ही बेच चुकी है। यह बात सुनकर उसके पैरों तले की जमीन खिसक गई। फिर उसने मामले में लिखित शिकायत कोतवाली पुलिस को दी। जांच के बाद पुलिस ने महिला अधिकारी के विरूद्ध बीएनएस की धारा 318(4) का मामला दर्ज कर लिया है।