अंबिकापुर

Surguja News: वन कर्मियों ने घर से बाहर बुलाया, कहा- तुम रामप्रसाद हो न, मीडियाबाजी करते हो, फिर मारे कई थप्पड़

Surguja Slaps Case: सरगुजा जिले के जंगलों की अवैध कटाई और वन भूमि पर लगातार हो रहे अतिक्रमण का मामला सामने लाने पर वन कर्मियों द्वारा पीटने का ग्रामीण ने लगाया आरोप
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Updated: 30 Aug 2026, 8:59 PM IST
Forest guards slaps villager
Surguja News, ग्रामीण रामप्रसाद जिसकी कथित तौर पर पिटाई हुई (Photo- Patrika)

लखनपुर। सरगुजा जिले में एक ओर जंगलों की अवैध कटाई और वन भूमि पर अतिक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इन मामलों को सामने लाने वाले ग्रामीणों के साथ कथित अभद्रता और मारपीट (Forest guards beaten villager) का मामला सामने आया है। लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लोसंगा निवासी रामप्रसाद ने वन विभाग के कर्मचारियों पर उनके साथ गाली-गलौज करने और थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है। घटना के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी रामनिवास दहायत के मौके पर मौजूद होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है। हालांकि, रेंजर ने अपने सामने किसी भी तरह की मारपीट होने से इनकार किया है।

बताया जा रहा है कि लखनपुर क्षेत्र में लगातार अवैध कटाई की सूचना मिलने के बाद रामप्रसाद सहित कुछ ग्रामीणों और मीडिया की टीम ने ग्राम फैलपुर के जंगल का जायजा लिया था। इस दौरान जंगल में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई (Trees cut in forest) और वन भूमि पर अतिक्रमण के प्रयास से जुड़ी तस्वीरें और जानकारी सामने आईं।

मामले को प्रमुखता से खबर के रूप में प्रकाशित किए जाने के बाद 30 अगस्त की दोपहर कथित तौर पर वन विभाग के कुछ कर्मचारी रामप्रसाद के घर पहुंचे। रामप्रसाद (Forest guards slaps villager) ने आरोप लगाया कि वन विभाग की गाड़ी उनके घर के सामने आकर रुकी और हॉर्न बजाकर उन्हें नाम से बुलाया गया। उनके बाहर आने पर कथित तौर पर अभद्रता करते हुए पूछा गया कि रामप्रसाद तुम ही हो और मीडिया में जानकारी देते हो, इसके बाद उन्हें कई थप्पड़ मारे गए।

घटना के बाद मामला बढऩे पर आनन-फानन में सरपंच को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस समय वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा रामप्रसाद के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया, उस समय वन परिक्षेत्र अधिकारी रामनिवास दहायत भी वाहन में मौजूद थे।

Forest team slaps: रेंजर का ये है कहना

इस संबंध में रेंजर रामनिवास दहायत से ग्रामीण से मारपीट (Villagers beaten) के संबंध में पूछताछ की गई तो उन्होंने कहा कि मेरे सामने किसी भी प्रकार की मारपीट नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मुझे इसकी कोई जानकारी भी नहीं है। इसके बाद उन्होंने फोन कट कर दिया।

Updated on:
30 Aug 2026, 8:59 PM IST
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