रांची में जेल से कुछ दिन पूर्व ही बाहर आया था आरोपी युवक, पुलिस ने कर लिया गिरफ्तार
अंबिकापुर. अगर आप एटीएम से रुपए निकाल रहे हैं और पीछे खड़ा कोई व्यक्ति आपका गुप्त कोड देख रहा है तो इसे तुरंत बदल दें। कई बार जब एटीएम काम नहीं कर रहा होता है या किसी कारणवश रुपए नहीं निकलता है तो हम पीछे खड़े उस व्यक्ति से मदद मांगते हैं जिसे हम जानते तक नहीं। ऐसे में धोखे का शिकार हो सकते हैं।
ऐसा ही एक मामला वर्ष 2016 में सामने आया था। एटीएम से रुपए नहीं निकलने पर एक युवती ने अपने पीछे खड़े युवक से मदद मांगी तो युवक ने उसकी नजरें बचाकर एटीएम कार्ड ही बदल दिया। इसके बाद जब युवती वहां से निकली तो उसके मोबाइल पर 50 हजार रुपए निकलने तथा 30 अजार रुपए किसी अकाउंट में ट्रांसफर किए जाने का मैसेज आया।
यह देख उसके होश उड़ गए। उसने रिपोर्ट दर्ज कराई। 2 साल बाद युवक को पुलिस ने बिहार के नवादा जिले से गिरफ्तार कर लिया। वह कुछ दिन पूर्व ही रांची जेल से छूटा था।
वर्ष 2016 में शहर के मिशन चौक केदारपुर निवासी आरती कुशवाहा देव होटल के पास स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से रुपए निकाल रही थी। इसी दौरान पीछे खड़ा एक युवक उसपर नजर रखे हुए था। जब रुपए नहीं निकले तो युवती ने उससे मदद मांगी और विश्वास कर उसे अपना पासवर्ड बता दिया।
युवती को कुछ रुपए निकालकर उसने दे दिया और छलपूर्वक एटीएम कार्ड बदल कर अपने पास रख लिया था। इसके बाद युवती के एटीएम कार्ड से 50 हजार रुपए निकाल लिए थे।
फिर बाद में 30 हजार रुपए और अपने फर्जी अकाउंट में ट्रांसफर कर लिया था। इसकी शिकायत युवती ने कोतवाली में दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस अज्ञात के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच कर रही थी।
रांची के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए थे रुपए
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने रांची के बैंक में अपने अकाउंट में 30 हजार रुपए ट्रांसफर किए हंै। पुलिस टीम जब रांची पहुंची तो पता चला कि आरोपी बिहार के नवादा निवासी 27 वर्षीय राकेश यादव पिता तपेश्वर यादव ने अपना फर्जी अकाउंट बना रखा है। फिर कोतवाली पुलिस ने रांची पुलिस का सहयोग लिया।
पुलिस को पता चला कि आरोपी रांची में किसी मामले में जेल में बंद था। कुछ दिन पूर्व ही वह जेल से बाहर आया है। इस पर पुलिस टीम ने आरोपी को उसके निवास स्थान से रविवार को गिरफ्तार कर लिया। उसे जेल भेज दिया गया। कार्रवाई में एएसआई अजीत मिश्रा, आरक्षक राहुल सिंह, रमाशंकर यादव व आनंद गुप्ता शामिल रहे।