Gersa Dam broken: सरगुजा जिले के लुंड्रा ब्लॉक में स्थित वर्ष 1988 में बना था बांध, डेम में लबालब हो चुका था पानी, चरवाहों ने दी जानकारी
अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के लुत्ती बांध टूटने की घटना के 4 दिन बाद ही सरगुजा जिले के लुंड्रा ब्लॉक स्थित गेरसा बांध (Gersa Dam broken) का एक हिस्सा शनिवार की सुबह टूट गया। बांध टूटने से बहे पानी की वजह से करीब 30 एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई। यह बांध वर्ष 1988 में बना था। सूचना पर कलेक्टर समेत जल संसाधान विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और वस्तुस्थिति का जायजा लिया। डेम में पानी कम होने का इंतजार विभाग कर रहा है ताकि बांध को बांधने का काम किया जा सके।
सरगुजा जिले के लुंड्रा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम गेरसा में वर्ष 1988 में बांध बनाया गया था। जिले में लगातार हो रही बारिश की वजह से बांध लबालब हो चुका था। बांध (Gersa Dam broken) के एक हिस्से से पानी रिस रहा था। शनिवार की सुबह करीब 9 बजे चरवाहे जब मवेशियों को लेकर बांध की ओर पहुंचे तो उन्हें पानी का तेज शोर सुनाई दिया।
जब वे बांध के नजदीक गए तो बांध का एक हिस्सा टूटा हुआ था और भारी मात्रा में पानी बह रहा था। चंद मिनटों बाद ही बांध का करीब 15-20 मीटर हिस्सा टूट (Gersa Dam broken) गया। चरवाहों ने इसकी जानकारी गांव में दी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सूचना पर कलेक्टर विलास भोसकर, सिंचाई विभाग के अधिकारी व अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और जायजा लिया।
बांध टूटने (Gersa Dam broken) से उस क्षेत्र में करीब 30 एकड़ में लगी धान की फसल पानी के साथ बह गई। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि फसलों को नुकसान का आंकलन किया जाएगा। वहीं बांध में पानी भरे होने की वजह से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।
विभाग का कहना है कि कम होने पर बांध की मरम्मत की जाएगी। लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की अनदेखी की वजह से बांध टूटा (Gersa Dam broken) है। गनीमत रही कि बांध के निचले हिस्से में कोई घर नहीं था, अन्यथा जनहानि भी हो सकती थी।
इससे पूर्व 2 सितंबर की रात बलरामपुर जिले के विश्रामनगर स्थित लुत्ती बांध टूट (Lutti dam broken) गया था। इस घटना में बांध के नीचे के हिस्से के 2 घर बह गए थे। इस दौरान घरों में सो रहे 8 लोग बह गए थे।
एक बुजुर्ग की जान तो बच गई, लेकिन परिवार की 3 महिला, 3 बच्चे व एक पुरुष की मौत हो गई। इनमें से 5 लोगों का शव मिल चुका है, लेकिन 2 का अब तक पता नहीं चल सका है।