
अंबिकापुर। शहर के उर्सुलाइन स्कूल में अध्ययनरत कक्षा 12वीं की छात्रा पखवाड़े भर पूर्व स्कूल की छत (Girl student climbed on roof) पर चढ़ गई थी। घटना से स्कूल और जिला प्रशासन में हडक़ंप मच गया था। काफी मशक्कत के बाद छात्रा को छत से नीचे उतारा गया था। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने परिजनों को बुलाकर उसे घर भेज दिया था। बताया जा रहा था कि हॉस्टल (Hostel girl) में किसी अन्य छात्रा के रुपए चोरी करने के आरोप उसपर लगाया जा रहा था। चोरी के आरोप से परेशान होकर छात्रा ने यह कदम उठाया था। छात्रा का कहना था कि वह आरोप से तंग आ चुकी थी, इस वजह से वह अकेली रहना चाह रही थी। 27 अक्टूबर से शुरु होने वाले टेस्ट परीक्षा में वह शामिल होने एक दिन पहले स्कूल पहुंची तो उससे सहमति पत्र लिया गया। इधर यह हो-हल्ला मच गया कि उसे स्कूल में घुसने नहीं दिया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि 26 अक्टूबर की शाम छात्रा अपने परिजनों के साथ स्कूल (Ursuline School) पहुंची, लेकिन उसे प्रवेश नहीं मिलने की बात सामने आई है। छात्रा को हॉस्टल में रखने को लेकर स्कूल प्रबंधन ने उससे और उसके परिजनों से लिखित सहमति पत्र लिया है।
इसमें उल्लेख है कि छात्रा अपनी मर्जी से हॉस्टल में रहेगी और किसी तरह की घटना होने पर स्कूल प्रबंधन जिम्मेदार नहीं होगा। वहीं छात्रा का कहना है कि यदि प्रबंधन उसे हॉस्टल में नहीं रखना चाहता है तो जब उस समय उसके परिजन आए थे तो क्यों नहीं कहा था। अब ऐसी बात सामने आ रही है।
छात्रा का कहना है कि कुछ दिन पहले हॉस्टल में एक छात्रा के ढाई हजार रुपये चोरी हो गए थे। उसके अनुसार, चोरी के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया जा रहा था। इस आरोप से परेशान होकर वह अकेले रहना चाहती थी और इसी वजह से छत पर चढ़ गई थी। बता दें कि छात्रा के छत पर चढऩे की खबर मिलने के बाद डीईओ (Surguja DEO) भी मौके पर पहुंचे थे। एक युवक ने हिम्मत कर किसी तरह छात्रा को नीचे उतारा था।
स्कूल की वाइस प्रिंसिपल एवं हॉस्टल वार्डन सिस्टर सुनीला ने कहा कि स्कूल प्रबंधन (School Management) छात्रा को निकाल नहीं रहा है और उसे रखने में कोई परेशानी नहीं है। केवल सहमति पत्र लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रा दोबारा इस तरह की हरकत करती है, तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की नहीं होगी।