
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के रघुनाथपुर स्थित मिशन स्कूल राईं के हॉस्टल (Girls hostel) में रहकर पढ़ाई करने वाली हाई स्कूल की छात्राओं ने अधीक्षिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने अधीक्षिका पर प्रताडऩा और खराब भोजन खिलाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से मिलने 15 किलोमीटर दूर अंबिकापुर के लिए निकल पड़ीं। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें इतना घटिया दाल दिया जाता है कि उसमें से कीड़े निकलते हैं। उन्होंने अधीक्षिका को वहां से हटाने की मांग की। सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों (Education department) में हडक़ंप मच गया। अधिकारियों ने छात्राओं को रास्ते में समझाइश दी। इस दौरान रोते-रोते छात्राओं ने अपनी पीड़ा बताई।
रघुनाथपुर के मिशन स्कूल राईं हॉस्टल (Hostel Superintendent) में रहने वाली छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल अधीक्षिका बिना किसी कारण उनके साथ अपमानजनक व्यवहार करती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हॉस्टल में गुणवत्ताहीन भोजन दिया जाता है तथा दाल में कीड़े तक निकलते हैं। छात्राओं ने अधीक्षिका को हटाने और नई वार्डन की नियुक्ति की मांग की।
कलेक्टर से मिलने अंबिकापुर के लिए छात्राओं के पैदल रवाना (Girls out to meet collector) होने की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा और स्कूल प्रबंधन सक्रिय हुए। छात्राओं को बीच रास्ते में ही अधिकारियों ने रोक लिया और कहा कि आपलोग हमें अपनी समस्यां बताएं।
इस पर छात्राओं ने उन्हें पूरी बात बताई। छात्राओं ने कहा कि हम घर से दूर हॉस्टल में इस वजह से आती हैं कि हमें कम से कम यहां अच्छी सुविधा तो मिले। लेकिन अधीक्षिका का व्यवहार (Misbehave by hostel superintendent) कहीं से भी उनके लिए उचित नहीं है।
अधिकारियों ने छात्राओं से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनने के बाद कहा कि मामले की जांच कर हम उचित कार्रवाई करेंगे। आपलोग स्कूल लौट जाओ। कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद छात्राएं वापस स्कूल लौट गईं।
इस संबंध में सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा ने बताया कि मामला एक निजी स्कूल के हॉस्टल से जुड़ा है। छात्राओं की कुछ शिकायतें सामने आई हैं, जिनका समाधान कराया जाएगा। शिकायतों (Hostel girls complaint) की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।