पड़ोसियों की मदद से गंभीर स्थिति में ले जाना पड़ा अस्पताल, पिता की पहले ही हो चुकी थी मौत, मां के जाने से हो गया अनाथ
अंबिकापुर. एक महिला के पति की पूर्व में ही निधन हो चुका था। वह अपने बेटे के साथ घर में रहती थी। होली के दिन खाना बनाने के दौरान अचानक गैस खत्म हो गया तो वह स्टोव में खाना बनाने लगी। इसी दौरान उसके कपड़े आग की चपेट में आ गए। यह देख वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी। यह देख बाहर खेल रहा बेटा दौड़कर वहां पहुंचा तो मां को आग से घिरा देख उसके रोंगटे खड़े हो गए।
उसने पड़ोसियों की मदद से गंभीर रूप से झुलसी मां को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान शनिवार की रात उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम किया है।
अंबिकापुर के बाबूपारा निवासी करुणा देवी पति स्व. प्रदीप गुप्ता उम्र 43 वर्ष होली के दिन खाना बना रही थी। जबकि उसका बेटा बाहर दोस्तों के साथ होली खेल रहा था। खाना बनाने के दौरान अचानक गैस खत्म हो गया। इस कारण वह स्टोव में खाना पकाने लगी। इसी बीच अचानक उसकी साड़ी आग की चपेट में आ गई। आग से जलने से वह चीखने-चिल्लाने लगी।
मां की आवाज सुनकर बेटा दौड़कर घर में घुसा। उसने देखा कि मां आग की लपटों से घिरी हुई है। उसने जैसे-तैसे आग बुझाई लेकिन तब तक महिला गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। उसने परिजनों व पड़ोसियों की मदद से मां को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां कुछ दिन तक उसका इलाज चलता रहा। शरीर में जलने के गहरे जख्म बन जाने से धीरे-धीरे उसकी स्थिति और खराब होती जा रही थी। इसी बीच इलाज के दौरान शनिवार की रात उसकी मौत हो गई। गांधीनगर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है।
हो गया अनाथ
महिला के पति की मौत पूर्व में ही हो चुकी थी। इसके बाद से वह अपने बेटे के साथ रह रही थी। अब मां की भी मौत हो जाने से बेटा अनाथ हो चुका है। उसका रो-रोकर बुरा हाल है।