Heat wave alert: स्वास्थ्य विभाग ने कहा- दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर निकलने से बचें, पानी व तरल पदार्थ का सेवन बढ़ाने की सलाह
अंबिकापुर. जिले में लगातार बढ़ते तापमान और आगामी दिनों में संभावित हीट वेव (लू) (Heat wave alert) को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि अप्रैल और मई के दौरान तापमान में तेजी से वृद्धि के साथ लू का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रेम सिंह मार्को ने नागरिकों को सलाह दी है कि अनावश्यक रूप से तेज धूप में बाहर न निकलें, खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच। यदि जरूरी कार्य से बाहर जाना पड़े तो सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर (Heat wave alert) ही निकलें।
स्वास्थ्य विभाग ने शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, लस्सी जैसे तरल पदार्थों का नियमित सेवन करने की सलाह दी है। हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनना भी गर्मी से बचाव (Heat wave alert) में सहायक बताया गया है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत बताई गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जब शरीर का तापमान (Heat wave alert) असामान्य रूप से बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता, तब व्यक्ति लू की चपेट में आ सकता है। लू लगना एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार (40 डिग्री या अधिक), गर्म और लाल त्वचा, पसीना कम या बंद होना, सिरदर्द, चक्कर, उलझन, तेज नाड़ी, कमजोरी, उल्टी आदि शामिल हैं। गंभीर स्थिति में व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को लू (Heat wave alert) लगने की आशंका हो, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाएं। गर्दन, बगल, माथे और पीठ पर ठंडे पानी की पट्टी रखें, पंखा या हवा की व्यवस्था करें। यदि व्यक्ति होश में हो तो उसे पानी या ओआरएस दें। गंभीर स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक दवाएं और सुविधाएं उपलब्ध हैं।
विभाग ने बताया कि इन दिनों हीट हेडेक यानी गर्मी से होने वाला सिरदर्द (Heat wave alert) भी आम हो गया है। डिहाइड्रेशन, तेज धूप, अधिक पसीना, नींद की कमी और ज्यादा कैफीन सेवन इसके प्रमुख कारण हैं। माइग्रेन के मरीजों में यह समस्या और बढ़ सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण आसमान में बादल के भी है। इसके बावजूद भी भीषण गर्मी से राहत नहीं है। बादलों की सक्रियता के बावजूद भी तापमान (Heat wave alert) में विशेष गिरावट नहीं आई है। सोमवार का अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री किया गया है, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक है।