
अंबिकापुर। 'अर्नब चक्रवात' के असर के कारण पूरे छत्तीसगढ़ में पिछले 2 दिन बारिश हुई। बस्तर, जगदलपुर, धमतरी, रायपुर के कई इलाके पानी में डूब गए। इधर सरगुजा में भी चक्रवात के असर से 2 दिन तक बारिश हुई। इस दौरान बतौली ब्लॉक के गोविंदपुर में एक ग्रामीण का मिट्टी का मकान शनिवार की रात ढह (House Demolished) गया। जब मिट्टी की दीवार टुकड़ों में गिरने लगी तो परिवार के 6 सदस्य बड़ी अनहोनी को भांपते हुए घर से तत्काल बाहर निकल गए, फिर देखते ही देखते पूरा घर जमींदोज हो गया। इससे घर में रखा सारा सामान मलबे में दब गया। अब उनके सामने रहने की समस्या उत्पन्न हो गई है। उन्होंने प्रशासन से मदद की मांग की है।
सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोविंदपुर निवासी राजकुमार 42 वर्ष अपनी पत्नी, 3 पुत्रियों व एक पुत्र के साथ अपने कच्चे मकान में रह रहा था। शनिवार की रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद सोने की तैयारी कर रहे थे। राजकुमार का कहना है कि रात करीब 10 बजे अचानक दीवार टुकड़ों में गिरने (House wall fell) लगी। यह देख उन्हें लगा कि मकान ढह सकता है।
इसके बाद वह, उसकी पत्नी तथा चारों बच्चे तत्काल घर से बाहर निकल गए। घर से बाहर निकलते ही पूरा घर ही ढह गया। उन्हें घर के भीतर से कोई भी सामान बाहर निकालने का मौका तक नहीं मिला। मिट्टी के घर से सटा उसने ईंट से बना एक कमरा भी तैयार किया था, उसके पीछे का हिस्सा भी मिट्टी की दीवार गिरने से ढह गया।
घर के जमींदोज होने से परिवार का आशियाना ही उजड़ गया है। पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। उनके सामने अब रहने की समस्या उत्पन्न हो गई है। पीडि़त राजकुमार का कहना है कि घर इतना अचानक ध्वस्त हो गया कि उसे सामान भी बाहर निकालने का मौका नहीं मिला। मिट्टी के मलबे में बिस्तर, चावल, गेहूं, धान, बर्तन समेत अन्य सामान दब गए हैं।
पीडि़त परिवार के सामने सिर ढंकने तक की भी जगह नहीं बची है। उन्होंने प्रशासन से मदद (Surguja Administration) की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से एक घर बनाकर दे दिया जाता तो उसका परिवार सुरक्षित हो जाएगा। आशंका जताई जा रही है कि 2 दिन से हो रही बारिश की वजह से मिट्टी का पुराना मकान जमींदोज हुआ है।