अंबिकापुर

महान-2 क्षेत्र में संचालित हो रहे कई अवैध ईंट-भट्ठे, खप रहा चोरी का कोयला, जिम्मेदार मौन

Illegal bricks kiln: बिना लाइसेंस संचालित हो रही हैं अवैध चिमनियां, खदान क्षेत्र में तस्करों द्वारा जेसीबी से गड्ढा कर निकाला जाता है अवैध कोयला
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Updated: 21 Dec 2023, 6:56 PM IST
महान-2 क्षेत्र में संचालित हो रहे कई अवैध ईंट-भट्ठे, खप रहा चोरी का कोयला, जिम्मेदार मौन
Illegal coal in Mahan-2 mines area

अंबिकापुर. Illegal bricks kiln: महान-2 खदान क्षेत्र से लगे गांवों में आधा दर्जन से अधिक अवैध ईंट-भट्ठे संचालित हैं। इन भट्ठों में धड़ल्ले से चोरी के कोयले का उपयोग किया जा रहा है। भट्ठा संचालकों द्वारा भी बेखौफ होकर ईंट का कारोबार किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों के अधिकारी मौन हैं। सूत्रों के अनुसार इन ईंट-भट्ठा संचालकों की पुलिस व माइनिंग विभाग से सेटिंग है, यहीं वजह है कि इनके ऊपर जिम्मेदार कार्रवाई नहीं करते हैं।


गौरतलब है कि महान-2 खदान से लगे इलाके धाधागिरी, लोधीडांड़, हरहुड व राजपुर क्षेत्र में कोयले की दर्जनों अवैध खदानें हैं। यहां से तस्करों द्वारा जेसीबी के माध्यम से सैकड़ों टन कोयला निकाला जाता है। रातों-रात इस अवैध कोयले को ग्राम दुप्पी, रेवतपुर, सिधमा सहित अन्य गांवों में संचालित ईंट-भट्ठों में खपाया जाता है।

कोयले का अवैध कारोबार तो धड़ल्ले से चल रहा है लेकिन इन पर कार्रवाई करने से जिम्मेदार अधिकारियों के हाथ-पैर कांप रहे हैं। बताया जा रहा है कि ईंट भट्ठा संचालकों को कोयला तस्करों की इन अधिकारियों से तगड़ी सेटिंग है।

यहां संचालित हैं अवैध चिमनियां
महान-2 खदान से लगे गांवों में लोहे की कई अवैध चिमनियां संचालित हैं। ग्राम दुप्पी में धर्मपाल जायसवाल, ग्राम रेवतपुर में संजय जायसवाल, रमेश रजक, संजय सिंह व ग्राम सिधमा में विक्की जायसवाल की अवैध चिमनियां हैं।

ये चिमनियां पूरी तरह से अवैध हैं। यहां हर महीने लाखों की संख्या में ईंटे बनाईं जाती हैं। ईंटों को पकाने में अवैध कोयले का ही उपयोग किया जाता है।


कुएंनुमा गड्ढे में डंप किया जाता है कोयला
सूत्रों के अनुसार खदान क्षेत्र की प्राइवेट जमीनों पर जेसीबी के माध्यम से गड्ढा कर अवैध खदानें तैयार की गई हैं। यहां से तस्करों द्वारा कोयला ईंट-भट्ठों में पहुंचाया जाता है। हर ईंट-भट्ठे के आस-पास ही तैयार कुएंनुमा गड्ढों में इन अवैध कोयले को छिपाकर रखा जाता है। सूत्र बताते हैं कि हर भट्ठे में करीब 500-600 टन कोयला रखा हुआ है।


लगातार कर रहे हैं पेट्रोलिंग
पिछले 1 महीने से पुलिस टीम लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। इस तरह की बात नहीं है। फिलहाल कहीं से कोयला नहीं निकाला जा रहा है, हमनें सख्ती कर रखी है। ईंट-भट्ठे अभी बंद हैं। पूर्व में हमनें कार्रवाई की थी, कार्रवाई में मिले अवैध कोयले को जब्त कर भट्ठा संचालकों के ही सुपुर्द किया गया था, इस पर हम नजर बनाए हुए हैं।
रमाकांत साहू, थाना प्रभारी राजपुर

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