गंभीर हालत में माता-पिता द्वारा शहर के प्राइवेट अस्पताल में कराया जा रहा था इलाज, परिवार में पसर गया मातम
अंबिकापुर. 4 वर्ष की एक मासूम बालिका के पेट में खेलने के दौरान धारदार लकड़ी घुस गई। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। बेटी के रोने की आवाज सुनकर माता-पिता वहां पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए।
रेफर किए जाने के पश्चात उसका इलाज अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। यहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
घटना शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम दुर्गापुर की है। बबलू तिर्की की 4 वर्षीय पुत्री गुनगुन शुक्रवार की शाम कुछ बच्चों के साथ घर में ही खेल रही थी। जिस जगह पर बच्चे खेल रहे थे वहीं पर एक धारदार लकड़ी रखी हुई थी।
खेलते-खेलते अचानक बालिका धारदार लकड़ी के ऊपर गिर गई। इससे लकड़ी उसके पेट में घुस गई। दर्द से वह रोने लगी। उसकी आवाज सुनकर परिजन भागते हुये उसके पास आए। इसके बाद बच्ची को उपचार के लिए पास के एक अस्पताल ले जाया गया। उसकी गंभीर हालत देख डॉक्टरों ने अंबिकापुर रेफर कर दिया।
परिजनों द्वारा बच्ची को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई। मासूम बेटी की मौत से परिजनों का जहां रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं गांव में भी मात पसरा हुआ है।