अंबिकापुर

कर्मचारियों की हड़ताल में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष, बोले- मैं झूठ बोलने वाला नहीं बनना चाहता

हड़ताल स्थल पहुंचे नेता प्रतिपक्ष ने किया समर्थन, कहा- सरकार की जेब की गहराई तय करेगी, कितना वेतन बढ़ेगा

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Employees strike

अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के बैनर तले समस्त विभागों के संविदा कर्मचारी ३ दिवसीय हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से कई विभागों के काम पूरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। मंगलवार को धरना स्थल पर नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने पहुंचकर कर्मचारियों के नियमितीकरण किए जाने की बात का समर्थन किया।

इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वेतन कितना बढ़ेगा, इसपर सरकार की जेब निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि आपलोग 18 हजार वेतन की मांग कर रहे हैं। मांग ऐसी हो कि हमें भी लोगों के बीच टिके रहने दे। आज के समय में मैं झूठ बोलने वाला नहीं बनना चाहता।

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छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के समस्त शासकीय विभागों में पदस्थ संविदा कर्मचारी ३ दिवसीय हड़ताल पर है। हड़ताल के दूसरे दिन नगर पालिका निगम में पदस्थ 300 प्लेसमेंट कर्मचारी निगम कार्यालय से रैली के शक्ल में निकलकर अनियमित कर्मचारी संघ के धरना स्थल में पहुंच विरोध में शामिल हुए।

उन्होंने इस दौरान महासंघ की सदस्यता भी ग्रहण की। इस दौरान संविदा कर्मचारियों ने कहा कि सभी अपने-अपने विभाग में काफी वर्षों से पदस्थ हैं लेकिन आज तक उन्हें सरकार नियमित करने का निर्णय ले सकी है। जबकि वे सभी उतना ही कार्य करते हैं, जितना एक नियमित कर्मचारी करता है। इसलिए उनका मांग जायज है।

उनके द्वारा सिर्फ एक ही मांग की जा रही है कि समान कार्य समान वेतन दिया जाए और उन्हें नियमित किया जाए। इस दौरान सभी विभाग के कर्मचारी भारतीय स्टैट बैंक के कलक्टोरेट शाखा के सामने धरना स्थल पर जमकर बारिश होने के बावजूद डटे रहे। दूसरे दिन के हड़ताल की वजह से कई विभागों में संचालित योजनाएं प्रभावित रहीं।


झूठ बोलने वाला नहीं बनना चाहता
धरना स्थल पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में अनियमितिता की स्थिति है। कितना वेतन बढ़ेगा यह सरकार के जेब की गहराई तय करेगी। आपलोंगों ने 18 हजार वेतन दिए जाने की मांग की है। ऐसी मांग होनी चाहिए जो हमे भी लोगों के बीच टीके रहने दे। आज के समय झूठ बोलने वाला नहीं बनना चाहता हूं।

नियमितीकरण किया जाना चाहिए यह तय करना है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का कार्यकाल 62 वर्ष का होना चाहिए, क्योंकि सरकार पहले ही तय कर लेती है कि रिक्त पदों के विपरीत कितने लोगों की भर्ती की जानी है।


महत्वपूर्ण योजनाओं को हड़ताल से रखा गया दूर
स्वास्थ्य विभाग की स्मार्ट कार्ड योजना सहित ऐसे कई महत्वपूर्ण योजना जो सीधे लोगों जुडे हुए हैं, उन्हें इस हड़ताल से दूर रखा गया है। लेकिन आयुष्मान योजना के तहत संचालित शेष योजना कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की वजह से प्रभावित रहीं।

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Published on:
17 Jul 2018 07:59 pm
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