Miracle of Vaccine: 13 साल की उम्र में लगी थी ये बीमारी, कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) का डोज कई लोगों के लिए साबित हो रहा वरदान (Boon), महिला को बीमारी (Disease) से मिली निजात तो खुशी से झूम उठे परिजन
अंबिकापुर. कोरोना का टीका लगवाने से अब मिर्गी की महिला मरीज को झटके आने और दौरे के गंभीर दौर से निजात मिल गई है। पहला टीका लगवाने के बाद से मिर्गी के दौरे और झटके आना चमत्कारिक रूप से एक-एक रुक गए।
असाध्य बीमारी के ठीक होने से महिला काफी उत्साहित है और टीके को अपने लिए रामबाण दवा मान रही है। वहीं महिला के परिजन भी इस चमत्कार (Miracle of Vaccine) से खुश हैं।
ये पूरा मामला सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम रामनगर बडख़ापारा का है। यहां की निवासी मिर्गी बीमारी से पीडि़त 55 वर्षीय राधा बाई यादव ने रामनगर केंद्र में पिछले 22 मार्च को कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज लगवाई थी। डोज लगवाने के बाद से उसे मिर्गी के झटके और दौरे आने बंद हो गए।
बीमारी के ठीक होने से उत्साहित राधा बाई ने दूसरा डोज 28 अप्रैल को लगवा लिया। अब पिछले 3 महीने से राधा बाई को एक बार भी न तो कोई झटका आया और न ही कोई दौरा आया।
आश्चर्यजनक रूप से झटका और दौरा दोनों गायब हो गए। बीमारी ठीक होने से महिला के परिजनों में खुशी की जहर है। उदयपुर विकासखंड में ही ग्राम पलका के एक लकवा पीडि़त भी टीकाकरण से ठीक हो चुका है।
13 वर्ष की ही उम्र से मिर्गी से थी ग्रसित
राधा बाई ने बताया कि जब वह 13 वर्ष की थी तब से वह मिर्गी से ग्रसित थी। इस बीमारी में उन्हें बीच-बीच मे झटके और दौरे आते थे जिससे वह काफी परेशान थी। पिछले 42 वर्ष से इलाज कराने के बाद भी मिर्गी से झटके और दौरे से निजात नहीं मिली।
कोविड वैक्सीन लगवाने से अब मिर्गी के झटके आने बिल्कुल बंद हो गए हंै जिससे उसकी बीमारी के ठीक होने की उम्मीद जगी है। आरएचओ सुखसाय पैकरा ने बताया कि टीकाकरण केन्द्र रामनगर में वैक्सीन लगवाने के बाद राधा बाई को मिर्गी के दौरे का ठीक होना अचंभित करने वाली घटना है।
चमत्कारी रूप से ठीक हो रहीं बीमारियां
वैक्सीनेशन के सकारात्मक प्रभाव से कोरोना वायरस से बचाव के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ती चली जा रही है। ऐसी कई बीमारी भी चमत्कारी (Miracle of Vaccination) रूप से ठीक हो रहे हैं जिसके ठीक होने की संभावना पहले कभी नहीं थी।
अब लोगों का विश्वास कोरोना के वैक्सीन पर धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य अमले में इस बात को लेकर खुशी है कि वैक्सीन के सुखद परिणामों को देखते हुए वैक्सीनेशन अभियान सफल होता नजर आ रहा है।