
अंबिकापुर। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक (MLA-Naib Tehsildar controversy) के बीच का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। विधायक की गिरफ्तारी को लेकर जहां प्रदेशभर में तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर हैं। वहीं विधायक के समर्थन में भी भाजपा मंडल अध्यक्ष समेत उनके समर्थक खड़े हो गए हैं। उन्होंने नायब तहसीलदार की गिरफ्तारी और विधायक पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की है। अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इधर विधायक की बहन सीमा धनकी के सपोर्ट में अब मितानिन संघ आ गया है। मितानिनों ने बुधवार की दोपहर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नायब तहसीलदार को सस्पेंड करने की मांग की है।
सीतापुर विधायक की बहन से दुव्र्यवहार (Misbehave wife MLA sister) के बाद नायब तहसीलदार की एसडीएम के सामने पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विधायक ने कहा था कि उन्होंने नायब तहसीलदार से मारपीट नहीं की है। वहीं विधायक की बहन और एक अन्य महिला द्वारा नायब तहसीलदार पर दुव्र्यवहार के आरोप लगाए गए हैं।
इस पर नायब तहसीलदार ने शासन से नार्को टेस्ट (Narco test) कराए जाने की मांग की थी। विधायक की गिरफ्तारी को लेकर पिछले 3 दिन से प्रदेशभर में तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर हैं।
हड़ताल पर रहने से राजस्व प्रकरणों का समय पर निराकरण नहीं हो पा रहा है, ऐसे में हितग्राही भी परेशान हो रहे हैं। मामले में विधायक की ओर से उनके समर्थक भी अब नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई कराने उतारु हैं।
बता दें कि सीतापुर विधायक की बहन सीमा धनकी मितानिन हैं। उनके समर्थन में अब जिलेभर की मितानिनें आ गई हैं। बुधवार की दोपहर काफी संख्या में मितानिनें कलेक्टर से मिलने पहुंची। उन्होंने विधायक की बहन से दुव्र्यवहार के मामले में नायब तहसीलदार को सस्पेंड (Suspend to Naib Tehsildar) करने की मांग की है। वहीं मामले की शिकायत उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग से भी की है। मांगें पूरी नहीं होने पर उन्होंने भी आंदोलन की चेतावनी दी है।
इधर विधायक पर दर्ज एफआईआर वापस लेने तथा नायब तहसीलदार (Naib Tehsildar beaten case) पर कार्रवाई की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज भी सामने आया है। उनका कहना है कि विधायक के नेतृत्व में सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में अच्छा काम हो रहा है। विधायक बनने से पूर्व वे भारतीय सेना में भी पदस्थ रह चुके हैं।
उनके बेहतर कार्यों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा वीरता पदक से भी सम्मानित किया गया है। इसके बावजूद केवल आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाना कहीं से सही नहीं है। उन्होंने 3 दिन के भीतर नायब तहसीलदार को गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि है मांगें नहीं माने जाने पर सर्व आदिवासी समाज उग्र आंदोलन करेगा।