Naib Tehsildar Beaten Case: नायब तहसीलदार से पिटाई के आरोप में विधायक पर दर्ज हुई है एफआईआर, विधायक ने कहा था कि वे खुद अपनी गिरफ्तारी देंगे, हड़ताल करने की जरूरत नहीं है, रास्ते में समर्थकों ने रोका
अंबिकापुर। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो शुक्रवार की शाम अपनी गिरफ्तारी (Naib Tehsildar Beaten Case) देने अंबिकापुर आईजी कार्यालय आ रहे थे। उनके साथ समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा था। उनका कहना था कि वे भी गिरफ्तारी देंगे। विधायक सीतापुर से करीब 15 किलोमीटर दूर आ चुके थे। इसी बीच रास्ते में उनके समर्थकों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया और उसके सामने सडक़ पर लेट गए। विधायक उन्हें समझाते रहे, लेकिन वे नहीं माने। अंतत: विधायक को वहां से लौटना पड़ा। इस दौरान नेशनल हाइवे पर दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई थी।
बहन से बद्सलूकी पर नायब तहसीलदार की पिटाई (Naib Tehsildar Beaten) के आरोप में विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके 10 समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को सरगुजा जिले के लगभग सभी राजस्व अधिकारी-कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल किया।
उन्होंने सीएम, राज्यपाल से लेकर कलेक्टर व आईजी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विधायक को गिरफ्तार करने की बात कही। इस बीच विधायक की ओर से मीडिया के माध्यम से बयान आया कि वे खुद अपनी गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने अपने समर्थकों व कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की थी।
शाम को वे सीतापुर से आईजी कार्यालय (IG office Ambikapur) में गिरफ्तारी देने निकले थे, ेलेकिन रास्ते में सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष समर्थकों ने उन्हें रोक लिया और उनकी गाड़ी के सामने लेट गए।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी देने के लिए विधायक सीतापुर से करीब 15 किमी दूर ग्राम मंगारी तक पहुंच चुके थे। इस दौरान नेशनल हाइवे पर समर्थकों ने उन्हें रोक (Supporters stopped MLA) लिया और उनकी गाड़ी के सामने लेट गए।
इस दौरान विधायक पैदल ही निकल पड़े, लेकिन समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए उनका हाथ पकडक़र आगे नहीं जाने दिया। इसके बाद विधायक को वापस सीतापुर लौटना पड़ा।
विधायक रामकुमार टोप्पो (Sitapur MLA Ramkumar Toppo) ने कहा था कि मैं कल से इसी विषय पर सीतापुर की जनता और समर्थकों से अपील करना चाह रहा हूं और आज भी करता हूं कि पैनिक न हों। भीड़ इकट्ठा करने की जरूरत नहीं है। यह अधिकारियों-कर्मचारियों के हड़ताल करने का विषय ही नहीं है। यदि ऐसा होता तो बिना दबाव के एफआईआर दर्ज कैसे होता?
मैंने आज जांच में पूरा सहयोग किया है। बात गिरफ्तारी की है तो मैं स्वत: ही गिरफ्तारी दूंगा। इसमें हड़ताल या काम छोडऩे की बात ही नहीं है। सीतापुर विधायक ने कहा कि हम पूर्ण रूप से न्यायपालिका के साथ हैं, अपने शासन के साथ हैं और जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। मैं अपने दल और बड़े अधिकारियों को सूचना देने के बाद जहां भी उचित होगा, वहां गिरफ्तारी दूंगा।