
अंबिकापुर। Navtapa 2024: बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात की सक्रियता कमजोर पड़ते ही सरगुजा संभाग में गर्मी का असर दिखना शुरू हो गया है। नवतपा (Navtapa 2024) के चौथे दिन मई महीने में 5 साल का अधिकतम तापमान का रिकॉर्ड टूट गया है। बलरामपुर व सूरजपुर जिले का तापमान 44.5 डिग्री से अधिक रहा। वहीं अंबिकापुर का तापमान 43.5 डिग्री (CG temperature) दर्ज किया गया है। सुबह से ही सूर्य की किरणें आग उगल रहीं थीं। दोपहर 12 बजे के बाद सडक़ों पर सन्नाटा पसरा रहा। शाम 5 बजे तक लोग घरों में ही दुबके रहे। गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि दो से तीन दिनों तक अभी मौसम गर्म रहने की संभावना है। तापमान में अभी और उछाल आ सकता है।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात का असर सरगुजा संभाग में भी देखा जा रहा था। पिछले लगभग एक सप्ताह से तापमान 40 डिग्री के नीचे ही बना हुआ था। वहीं नवतपा के तीसरे दिन तक तापमान 39 डिग्री के आसपास ही था। लोग चिपचिपी गर्मी से परेशान थे। वहीं बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का असर कमजोर पड़ते ही सरगुजा संभाग में तेज गर्मी पडऩी शुरू हो गई है।
सोमवार को अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री था। वहीं मंगलवार को 4 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया है। बलरामपुर व सूरजपुर जिले का तापमान 44.5 व अंबिकापुर का तापमान 43.5 डिग्री दर्ज किया गया है। तापमान अचानक बढऩे से इसका असर सुबह से ही दिखना शुरू हो गया था। सुबह से ही सूर्य की किरणें आग उगल रहीं थीं।
सुबह से लेकर देर शाम तक तेज गर्मी का एहसास होता रहा। लू जैसी गर्म हवा चलती रही। भीषण गर्मी के चलते लोग अपने घरों से बाहर निकलना मुनासिब नहीं समझे। आवश्यक कार्य होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले। दोपहर १२ बजे के बाद सडक़ों पर सन्नाटा पसरा रहा।
2023 - 41.8 (तारीख 23)
2022 - 41.9 ( 1, 21, 22)
2021 - 38.4 (2)
2020 - 42.0 (26)
2019 - 43.0 (25)
मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट ने बताया कि 28 मई इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। हीट वेव जारी है। अभी दो से तीन दिनों तक तापमान में और उछाल आने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात अब कमजोर हो रहा है। वहीं उत्तर-पश्चिम से भी गर्म हवाओं के हाने का सिलसिला जारी है, इसलिए भीषण गर्मी से अभी राहत नहीं है।
नवतपा (Navtapa 2024) के चौथे दिन भीषण गर्मी पडऩी शुरू हो गई है। घर से बाहर निकलते ही गला सूखने लग रहा है। लोग बचाव के लिए तरल पेय पदार्थोंं की दुकान पर गला तर कर रहे हैं। गुन्ना जूस, आइस्क्रीम सहित अन्य पेय पदार्थों का लोग सेवन कर रहे हैं।
एमडी मेडिसिन चिकित्सक डॉ. शागिल ने लोगों को लू से बचने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि तापमान 44 डिग्री के आस पास है। इस समय लापरवाही भारी पड़ सकती है। अगर अति आवश्यक कार्य हो तभी घर से बाहर निकलें।
वह भी पूरे शरीर को ढक कर बाहर निकलें। तरल पेय पदार्थों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। उल्टी, दस्त या सिर दर्द जैसी स्थिति बनती है तो तत्काल डॉक्टर की सलाह लें। विशेष कर बच्चे व बुजुर्ग घर से बाहर न निकलें।
2017 के बाद 25 मई 2019 को अधिकतम तापतान 43.0 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद के वर्षों में मई महीना 43 डिग्री तक गर्म नहीं हो पाया था। वर्ष 2024 में 28 मई को तापमान 43 डिग्री की सीमा को पार कर 43.5 डिग्री पर पहुंचा है। अभी इसमें आगे उछाल की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुईं हैं।
छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाला मैनपाट का भी तापमान 40 डिग्री पहुंच गया है। जबकि यह क्षेत्र ठंडे इलाके के रूप में जाना जाता है। लगातार हो रही वनों की कटाई के कारण मैनपाट क्षेत्र में भी अब भीषण गर्मी पडऩी शुरू हो गई है।