Political news: भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने शहर के एक युवक पर लगाया आरोप, कहा- प्रचारित किया जा रहा कि प्रशासन द्वारा जानबूझकर मुस्लिम समुदाय के लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे
अंबिकापुर। भाजपा युवा मोर्चा सरगुजा के जिलाध्यक्ष निशांत सिंह (शोलू) ने कोतवाली अंबिकापुर में आवेदन प्रस्तुत कर सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक जानकारी प्रसारित कर सांप्रदायिक वैमनस्यता फैलाने तथा लोक व्यवस्था प्रभावित करने के प्रयास की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत पत्र (Political news) में बताया गया है कि 14 से 17 फरवरी के बीच अकील अहमद नामक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर भ्रामक एवं आक्रामक जानकारी प्रसारित की गई, जिससे आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। जबकि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्वाचन आयोग की नियमित एवं संवैधानिक प्रक्रिया है।
शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि अपने सोशल मीडिया अकाउंट एवं अन्य प्लेटफॉर्म के माध्यम से अकील अहमद द्वारा यह प्रचारित किया जा रहा है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यक्रम में प्रशासन (Political news) द्वारा जानबूझकर मुस्लिम समुदाय के व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से काटने हेतु आपत्तिजनक कार्यवाही की जा रही है।
युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष निशांत सिंह ने बताया कि अकील अहमद द्वारा लगातार इस प्रकार की भ्रामक सूचनाएं प्रसारित कर दो समुदायों एवं प्रशासन के विरुद्ध दुर्भावना उत्पन्न की जा रही है। मतदाता सूची से संशोधन/पुनरीक्षण एक संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया है जो चुनाव आयोग (Political news) के अधीन होती है।
इसमें प्रशासन द्वारा किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव करने का कोई प्रश्न नहीं उठता। इस दौरान वीर सोनी, अनुराग शुक्ला, रवजोत सिंह, ऋषभ अम्बष्ट, सुधांशु चौबे, आयुष दुबे, अविनाश मंडल, रोशन मंडल, ओम सिंह, अतीश पांडेय , शैलेंद्र चौहान, सोनू समेत युवा मोर्चा के कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित थे ।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने कहा कि अकील अहमद द्वारा मुस्लिम वर्ग (Political news) के लोगों का वीडियो बनाकर समाज में असुरक्षा एवं भय का माहौल उत्पन्न किया जा रहा है, जिससे दोनों समुदायों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अकील अहमद के विरुद्ध धर्म/समुदाय के आधार पर नफरत फैलाने, सार्वजनिक शांति भंग करने, राष्ट्रीय एकता और अखंडता को क्षति पहुंचाने वाले कृत्य तथा डिजिटल माध्यम (Political news) से आपत्तिजनक एवं भ्रामक सूचना प्रसारित करने का अपराध दर्ज करते हुए उसके डिजिटल उपकरणों की जब्ती कर कड़ी जांच की जाए।