Private schools: एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें स्कूल में चलाने के मामले में डीईओ ने दोनों संस्थानों को भेजा नोटिस, 9 से 13 प्रतिशत तक फीस वृद्धि करने की भी शिकायत
अंबिकापुर। शहर के अधिकांश निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें चलाई जा रही है। कुछ स्कूलों में चलाई जा रहीं किताबें शहर के चूनिंदा दुकानों में ही मिल रही हैं। वहीं फीस में भी बेहिसाब बढ़ोतरी की गई है। 11 अप्रैल को हुई बैठक में अभिभावकों की ओर से शिकायत (Private schools) दर्ज कराई थी। इस पर कार्रवाई करते हुए डीईओ ने शहर के ओरिएंटल पब्लिक स्कूल और कार्मेल स्कूल को नोटिस जारी कर बच्चों से वसूली गई फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाने का नोटिस जारी किया है। दो दिन के भीतर दोनों स्कूलों से जवाब मांगा गया है।
डीईओ द्वारा जो नोटिस जारी किया गया है, इसमें कहा गया है कि अभिभावकों की ओर से यह शिकायत आई है कि ओरिएंटल पब्लिक स्कूल द्वारा उन्हें यह तो नहीं बताया गया कि किस दुकान से किताबें लेनी हैं, लेकिन यहां चलाई जा रहीं निजी प्रकाशकों की किताबें सिर्फ राणा ब्रदर्स दुकान (Private schools) में ही मिल रही है।
वहीं कार्मेल स्कूल द्वारा चलाई जा रही किताबें शहर के एमपी डिपार्टमेंटल स्टोर्स में ही उपलब्ध हैं। शिकायत में यह भी बताया गया कि दोनों स्कूलों द्वारा वार्षिक शुल्क में 9 से 13 प्रतिशत तथा शिक्षण शुल्क में 9.4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। अभिभावकों द्वारा यह भी बताया गया कि 8वीं कक्षा तक की किताबें (Private schools) काफी महंगीं हैं। इससे हमारा शोषण हो रहा है।
वहीं कार्मेल स्कूल प्रबंधन (Private schools) द्वारा यह कहा गया कि हम अगले सत्र से कक्षा 1 से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबें चलाएंगे। इस पर डीईओ ने कहा कि इस साल से क्यों नहीं चला रहे हैं। वहीं बच्चों को एनसीईआरटी किताबों का पीडीएफ उपलब्ध कराने तथा यदि अभिभावक किताबें वापस कराना चाहते हैं तो उनका सहयोग करें।
नोटिस में डीईओ ने लिखा है कि आपके उपरोक्त कृत्य से यह स्पष्ट होता है कि आपने बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया है। वहीं विद्यालय प्रबंधन, निजी प्रकाशकों व पुस्तक विक्रेताओं (Private schools) की आपसी साठगांठ से अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें बेचा जाना परिलक्षित होता है। अत: आपके विरुद्ध छात्र-छात्राओं से वसूल किए गए फीस राशि का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाना प्रस्तावित है।