
अंबिकापुर। शहर के पुराना नगर निगम ऑफिस चौक पर बाबा कार्तिक उरांव की आदमकद प्रतिमा का अनावरण 29 अक्टूबर को सीएम विष्णुदेव साय और केंद्रीय जनजातीय मंत्री जुएल उरांव की उपस्थिति में किया जाएगा। इसे लेकर निगम की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार की रात निगम द्वारा पुराने निगम ऑफिस चौक से चौपाटी तक की जर्जर सडक़ (Dilapidated road) का डामरीकरण किया गया। इसे लेकर हाल ही में आप पार्टी से कांग्रेस में प्रवेश किए नेता राजेंद्र बहादुर सिंह ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जला मोबिल और पानी डालकर ठेकेदार द्वारा सडक़ का डामरीकरण किया गया है। भ्रष्टाचार कर जनता के पैसों का बंदरबांट किया जा रहा है।
कांग्रेसी नेता का आरोप है कि सडक़ का डामरीकरण किए जाने के दौरान वे वहां से गुजर रहे थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि सडक़ पर पानी के साथ जला मोबिल का छिडक़ाव किया जा रहा है। जबकि डामरीकरण से पहले इमरसन ऑयल का उपयोग होता है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार द्वारा रात के अंधेरे में यह काम किया गया है।
सीएम के आने को लेकर सडक़ को चमकाया गया है, लेकिन डामरीकरण घटिया (Low grade road) किया गया है। यह ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व में निगम द्वारा बनाई गई कई सडक़ों की हालत भी ऐसी ही है कि बनने के 2-3 महीने में ही उखड़ गईं। वहीं वीडियो में एक व्यक्ति ने रात में सडक़ के डामरीकरण को घटिया बताते हुए उसे हाथों से उखाडक़र दिखाया।
29 अक्टूबर को जनजातीय समाज के महान शिक्षाविद् और समाज सुधारक पंखराज साहेब बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी के अवसर पर उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक पदाधिकारी शामिल होंगे। आयोजन को लेकर बाबा कार्तिक उरांव जन्म शताब्दी समारोह आयोजन समिति और नगर निगम ने तैयारियां की हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे कला केंद्र मैदान (Kala kendra Ground) में जनजातीय समाज के लोगों के एकत्रीकरण के साथ होगी। सुबह 11 बजे यहां से नगर शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा गांधी चौक, घड़ी चौक, संगम चौक, महामाया चौक, गुदरी चौक और जोड़ा पीपल चौक होते हुए बाबा कार्तिक उरांव चौक पहुंचेगी। यहां अतिथियों द्वारा प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।
इसके बाद शोभायात्रा पुन: कला केंद्र मैदान पहुंचेगी। प्रतिमा अनावरण के बाद कला केंद्र मैदान में मुख्य मंचीय कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें जनजातीय समाज की लोकसंस्कृति और पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियां होंगी। वक्ता बाबा कार्तिक उरांव के संघर्ष, शिक्षा, सामाजिक स्वाभिमान, सांस्कृतिक अस्मिता और संवैधानिक अधिकारों पर विचार रखेंगे। कार्यक्रम शाम 5 बजे तक चलेगा।