
अंबिकापुर. नगर के ब्रम्हरोड स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन फायनेंस कंपनी में 4 जनवरी 2017 को दिनदहाड़े डकैती हुई थी। इसमें 5 हथियारबंद डकैतों ने 12 किलो 700 ग्राम सोना व नकद 1 लाख 54 हजार रुपए की डकैती की थी। पुलिस डकैतों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उनकी खोजबीन में लगी थी।
इसी दौरान पश्चिम बंगाल के आसनसोल में गिरफ्तार डकैत नित्यानंद पांडेय को यहां की पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पिछले दिनों अंबिकापुर पहुंची थी। पूछताछ के दौरान उसने डकैती में मिले हिस्से को 2 दुकानदारों को बेचना बताया था। बेचकर मिली रकम से आलिशान मकान बनवा भी बनवा लिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने दोनों खरीदारों को भी गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है कि मणप्पुरम गोल्ड लोन फायनेंस कंपनी में हुई डकैती के मामले में गिरोह का एक सदस्य झारखंड के कोडरमा पुरनानगर रोड निवासी नित्यानंद पांडेय उर्फ सुनील पिता सुदामा उर्फ चंद्रिका पांडेय 48 वर्ष को पश्चिम बंगाल की पुलिस ने 20 दिन पूर्व गिरफ्तार किया था।
इसकी खबर जब सरगुजा पुलिस को लगी तो सप्ताहभर पूर्व उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया। उसे पुलिस रिमांड में लेकर पूछताछ की गई। उसने बताया कि डकैती में मिले सोने व नकद को पांचों डकैतों ने आपस में बांट लिया था। बंटवारे में मिले 1 किलो 750 ग्राम सोना में से 1 किलो 450 ग्राम को उसने बिहार के गया जिला स्थित मोहफासी के मानपुर सोनार पट्टी निवासी विरेंद्र प्रसाद पिता रामप्रसाद 45 वर्ष को बेच दिया था।
वहीं 200 ग्राम सोना झारखंड के धनबाद स्थित ग्राम डांगाबलिया निवासी विक्की उर्फ अग्रिकांत पिता भगवान दास वर्मन 32 वर्ष को बेचा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने दोनों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूरी कार्रवाई आईजी हिमांशु गुप्ता के मार्गदर्शन में एसपी सदानंद कुमार के निर्देश व सीएसपी आरएन यादव के नेतृत्व में कोतवाली व क्राइम ब्रांच पुलिस द्वारा की गई।
कार्रवाई में कोतवाली टीआई विनय सिंह बघेल, एसआई सुरेश मिंज, एएसआई अरुण गुप्ता, अजीत मिश्रा, आरक्षक अभय चौबे तथा क्राइम ब्रांच व साइबर सेल से एसआई मनीष यादव, एएसआई भूपेश सिंह, विनय सिंह, प्रधान आरक्षक रामअवध सिंह, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, आरक्षक अमृत सिंह, जितेश साहू, बृजेश राय, नितिन सिन्हा, राकेश शर्मा, विवेक राय, मनीष यादव, अनुज जायसवाल, अंशुल शर्मा, दीनदयाल सिंह, अमित विश्वकर्मा, जयदीप सिंह, स्मिता रागिनी शामिल थे।
हिस्से में मिला था 1 किलो 750 ग्राम सोना
डकैत नित्यानंद ने पुलिस को बताया कि मणप्पुरम गोल्ड लोन फायनेंस कंपनी में डकैती की योजना उसने जेल में बंद सहयोगी संजय गुप्ता के साथ बनाई थी। कुछ दिन बाद जब वे जेल से निकले तो 4 जनवरी 2017 को 2 बाइक में सवार होकर सभी गढ़वा-रामानुजगंज होते हुए अंबिकापुर पहुंचे थे। यहां डकैती करने के बाद उसी रास्ते से फरार हो गए थे।
उसने बताया कि डकैती में मिले 12 किलो 700 ग्राम सोने व नकद 1 लाख 54 हजार रुपए को उन्होंने बांट लिया था। उसके हिस्से में 1 किलो 750 ग्राम सोना पड़ा था।
6 डिसमिल जमीन खरीदकर बनवाया मकान
डकैत नित्यानंद ने बताया कि सोना बेचने के बाद मिली रकम से उसने पुरना रोड नगर में 6 डिसमिल जमीन खरीदी और मकान बनवा लिया। पुलिस ने जमीन के कागजात, डकैती के समय पहना हुआ ट्रैकशुट, मंकी कैप, चश्मा और घर में रखे हुए सोने के जेवर सहित 1 लाख रुपए बरामद किया।