अंबिकापुर

शर्मनाक: डॉक्टर ने महिला से कहा- 50 हजार रुपए दो तब दूंगा पीएम रिपोर्ट, कर्ज लेकर 10 हजार दिए, गिड़गिड़ाई फिर भी…

Shameful: सांप डसने (Snake bite) से युवक की हो गई थी मौत, मृतक के परिजन ने कर्ज लेकर दिए थे 10 हजार रुपए, कलक्टर (Collector) से की गई शिकायत

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Shameful Doctor
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अंबिकापुर. डॉक्टर्स डे (Doctor's Day) के एक दिन पूर्व डॉक्टर पेशे को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। जहां डॉक्टर कोरोना काल में दिन-रात मेहनत कर लोगों की जिन्दगी बचाने में लगे हैं, वहीं एक डॉक्टर का अमानवीय चेहरा सामने आया है। पीएम रिपोर्ट तैयार करने व देने के लिए चिकित्सक द्वारा 50 हजार रुपए की मांग की गई।

महिला ने कर्ज लेकर 10 हजार रुपए दिए और डॉक्टर के सामने गिड़गिड़ाई लेकिन डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा। परेशान पीडि़त परिवार ने मामले की शिकायत कलक्टर से की है। यह मामला स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र अंबिकापुर स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Medical college hospital) का है।

गौरतलब है कि सोनारी राजवाड़े सूरजपुर जिले के महेशपुर की रहने वाली है। उसके भतीजे योगेन्द राजवाड़े की सांप डंसने से इलाज के दौरान अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 28 मई 2021 को मौत हो गई थी। उसके पीएम रिपोर्ट के लिए पिछले एक महीने से परिजन परेशान हैं।

पीएम रिपोर्ट देने के बदले डॉक्टर राजू गोले द्वारा 50 हजार रुपए की मांग की गई। सोनारी राजवाड़े ने आरोप लगाया है कि पीएम करते समय डॉ. राजू गोले ने उस समय भी 2 हजार रुपए लिया था।

इसके बाद पीएम रिपोर्ट के लिए पिछले एक महीने से महिला व उसके परिजन को परेशान किया जा रहा था। परेशान होकर महिला अपने रिश्तेदारों से उधार में 10 हजार रुपए लेकर डॉक्टर को देने बुधवार को पहुंची।


डॉक्टर के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाई महिला
महिला अपने भतीजे के पीएम रिपोर्ट के लिए किसी तरह 10 हजार रुपए व्यवस्था कर डॉक्टर के पास पहुंची और डॉक्टर के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते हुए कहा कि इतना ही व्यवस्था हो पाया है। इस पर डॉक्टर ने अपने स्वीपर को रुपए दे देने की बात कही। इधर परिजन ने दस हजार रुपए स्वीपर के हाथों में दे दिया।

इसके बाद भी उसे पीएम रिपोर्ट नहंी दिया गया। उक्त मामले की शिकायत पीडि़ता ने कलेक्टर से की है। पीडि़ता ने डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और पीएम रिपोर्ट दिलाने की मांग की है।


पीएम रिपोर्ट मात्र सात दिन में देने का है नियम
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पीएम रिपोर्ट तैयार करने में अक्सर लेटलतीफी की जा रही है। जबकि नियम के तहत पीएम रिपोर्ट घटना के सात दिन के अंदर पीडि़त परिवार को मिल जाने या संबंधित थाने को सौंप देने का नियम है।

इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पीएम रिपोर्ट के लिए एक महीने से दो महीने का समय लगा देते हैं। इससे परिजन का कई महत्वपूर्ण काम पीएम रिपोर्ट के अभाव में नहीं हो पाता है।


सामाजिक संगठनों ने की एफआईआर की मांग
पीएम रिपोर्ट के लिए पीडि़त परिवार से 50 हजार की मांग की गई थी। इस मामले को लेकर पीडि़त परिवार के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा कलेक्टर-एसपी को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की गई है।

संकल्प यूथ क्लब समाज सेवी संस्था के अध्यक्ष अंकुर सिन्हा के नेतृत्व में परिवार के सदस्यों ने एसपी से तत्काल एफ आईआर दर्ज किया किए जाने की मांग की है।

इस दौरान संस्था के सचिव अजीज टोप्पो, आस्था गुरुकुल समाज सेवी संस्था के अध्यक्ष संजय ठाकुर और विनोद, छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत श्रीवास्तव, आम आदमी पार्टी के अजय सिंह, राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी के सरगुजा जिला अध्यक्ष सुरेश राम बुनकर ने भी ज्ञापन सौंपा है।

Published on:
30 Jun 2021 09:24 pm
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