
अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत प्रेमनगर स्थित डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में 2 छात्रों की बेरहमी से पिटाई (Teacher brutally beaten students) का मामला सामने आया है। छात्रों के परिजन का कहना है कि खेल शिक्षक ने कमरे में बंद कर दोनों को क्रिकेट के स्टंप से मारा है। पिटाई से दोनों छात्रों के पीठ पर चोटों के निशान बन गए हैं। उनका कहना है कि शिक्षक ने छात्रों को धमकी भी दी थी कि यदि घर जाकर या किसी अन्य से इस बारे में बताया तो तुमलोगों की खैर नहीं। किसी गंभीर मामले में दोनों को फंसा दिया जाएगा। परिजनों ने प्रशासन व शिक्षा विभाग से मामले की शिकायत की। मामला सामने आने के बाद शिक्षक को उसके पद से हटा दिया गया है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कई स्कूल पिछले 1 वर्ष से सुर्खियों में बने हुए हैं। कभी शिक्षक नशे में धुत (Drunken teacher) होकर स्कूल पहुंचते हैं तो कभी संडे-मंडे से लेकर जनवरी, फरवरी तक की स्पेलिंग गलत लिखवाते हैं। कभी छात्रों की पिटाई की जाती है तो कभी बच्चे को स्तनपान कराते समय प्रधानपाठक द्वारा छिपकर देखा जाता है।
ऐसा भी मामला सामने आ चुका है कि प्राचार्य स्कूल में हिडेन कैमरा लेकर आता है और उससे शिक्षिकाओं पर नजर रखता है। हालांकि इन मामलों के सामने आने के बाद संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके बावजूद शिक्षकों के रवैय्ये में सुधार नहीं आ रहा है। ऐसा ही एक मामला वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत प्रेमनगर स्थित डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल से सामने आया है।
यहां के खेल शिक्षक पर 2 छात्रों की बेरहमी से पिटाई (Students beaten by teacher) का आरोप लगा है। छात्रों के परिजन का कहना है कि शिक्षक ने कमरे में दोनों को बंद कर क्रिकेट के स्टंप से पीटा है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब छुट्टी के बाद बच्चे स्कूल से घर पहुंचे। चेहरे पर उदासी व पीठ पर चोट देख परिजन द्वारा बार-बार पूछने पर उन्होंने शिक्षक की करतूत बताई।
परिजनों का कहना है कि खेल शिक्षक गंगाधर (Sports teacher) ने छात्रों की पिटाई करने के बाद उन्हें धमकी दी कि यह बात वे किसी को न बताएं। यदि वे बताते हैं तो उन्हें किसी गंभीर मामले में फंसा दिया जाएगा। शिक्षक की इस धमकी से दोनों छात्र डरे-सहमे थे। वे परिजन से भी इस बात को शेयर करने में डर रहे थे।
मामले की शिकायत परिजनों ने स्कूल प्रबंधन, प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की। परिजन का कहना है कि यदि बच्चों ने कोई गलती की भी थी तो उन्हें क्यों नहीं बताया गया। इस तरह से शारीरिक दंड देना उचित नहीं है। मामला सामने आने के बाद खेल शिक्षक को फिलहाल उनके पद से हटा (Sports teacher removed) दिया गया है। बताया जा रहा है कि मामले की जांच की जा रही है।