अंबिकापुर

मछली नदी में अचानक आई बाढ़ में बहा युवक, 3 दिन बाद 3 किमी दूर पत्थर में फंसी मिली लाश

मैनपाट में स्थित है मछली नदी, पुरानी बस्ती जाने के दौरान हुआ हादसे का शिकार, मौके पर पहुंची पुलिस

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Dead body of young man
Young man body

अंबिकापुर. मैनपाट के तराई इलाके में बसा ग्राम करम्हा की पुरानी बस्ती मछली नदी के दूसरे छोर पर बसा हुआ है। यह हर साल बारिश में मुख्य गांव से कट जाता है। मछली नदी में पुल नहीं होन के कारण लोगों को बरसात के सीजन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई लोग मछली नदी पार करने के दौरान बहकर मौत के मुंह में जा चुके हैं।

ऐसा ही वाक्या 19 जुलाई की शाम हुआ। एक युवक करम्हा की पुरानी बस्ती जाने के लिए मछली नदी पार कर रहा था। इसी दौरान नदी में आई बाढ़ में वह बह गया। 3 दिन बाद रविवार को उसकी लाश 3 किलोमीटर दूर पत्थरों के बीच फंसी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तथा पंचनामा व पीएम पश्चात शव परिजन को सौंप दिया है।

मैनपाट के करम्हा पंचायत के ग्राम बारीभवना निवासी रमेश मझवार पिता सुखनाथ 25 वर्ष गुरुवार की शाम किसी काम से करम्हा के पुरानी बस्ती जा रहा था। पुरानी बस्ती जाने के लिए वह मछली नदी पार कर रहा था। इसी दौरान अचानक नदी में बाढ़ आ गई और वह बह गया।

रात तक वह घर नहीं पहुंचा तो दूसरे दिन परिजन उसकी खोजबीन में निकले लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। 2 दिन तक परिजन उसकी तलाश करते रहे लेकिन नतीजा सिफर रहा। इसी बीच रविवार की दोपहर ग्रामीण ने मछली नदी में पत्थरों में फंसी लाश देखी। इसकी सूचना उसने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।

इस दौरान लाश की पहचान रमेश मझवार के रूप में की गई। रमेश जिस जगह से बहा था वहां से उसकी लाश 3 किलोमीटर दूर मिली। पुलिस ने पंचनामा पश्चात शव को पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया। इधर युवक की मौत से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।


हर साल बह जाते हैं ग्रामीण
मछली नदी पर पुल नहीं बनने के कारण जहां ग्राम करम्हा व उसके आश्रित ग्राम के लोगों को नदी पार करने में परेशानी होती है, वहीं बारिश के दिनों में इलाका दूसरे गांव से पूरी तरह कट जाता है। ऐसे में जान जोखिम में डालकर ग्रामीण अपनी जरूरतें पूरी करने नदी पार कर दूसरे गांव जाते हैं। बताया जा रहा है कि हर साल 2 लोग इस नदी में बह जाते हैं।


नहीं बन रहा पुल
क्षेत्र के ग्रामीण मछली नदी पर पुल बनाने की मांग को लेकर शासन स्तर से लेकर प्रशासन तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। ग्राम सभा से लेकर जनसमस्या निवारण शिविर तक में पुल बनाने की मांग उठी चुकी है। इसके बावजूद लंबे अरसे से यहां यह समस्या बनी हुई है। प्रशासनिक उदासीनता से गांव वालों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

Published on:
22 Jul 2018 05:20 pm
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