
Ambikapur Nigam, सामान्य सभा में महापौर व निगम नेता प्रतिपक्ष के बीच नोकझोंक (Photo- Patrika)
अंबिकापुर. नगर निगम अंबिकापुर की सामान्य सभा (Ambikapur Nigam General assembly) की बैठक मंगलवार को राजमोहिनी देवी भवन में हंगामे के बीच आयोजित हुई। बैठक शुरु होते ही महापौर के वायरल ऑडियो का मुद्दा छाया रहा। विपक्ष ने ऑडियो को लेकर महापौर से जवाब मांगा, जिस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह जनता से जुड़ा सवाल नहीं है। सत्ता पक्ष ने पहले बैठक में शामिल एजेंडों पर चर्चा कराने की मांग की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा जिलाध्यक्ष नगर निगम का संचालन कर रहे हैं, यह वे होने नहीं देंगे। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए और जमकर हंगामा हुआ। स्थिति को देखते हुए सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी ने प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही सामान्य सभा को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया।
आधे घंटे बाद सामान्य सभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। विपक्ष ने फिर महापौर के वायरल ऑडियो (Mayor Viral Audio) पर जवाब देने की मांग रखी। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच दोबारा हंगामा शुरु हो गया। इसके बाद विपक्षी पार्षदों ने सामान्य सभा की बैठक का बहिष्कार कर दिया। विपक्ष के बहिष्कार के बाद सत्ता पक्ष ने बैठक में रखे सभी एजेंडों पर चर्चा कर उन्हें बहुमत के आधार पर पारित कर दिया। नगर निगम के इतिहास में यह पहला मौका रहा, जब सामान्य सभा की कार्यवाही प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही हंगामे के कारण स्थगित करनी पड़ी।
दरअसल अंबिकापुर नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक सभापति हरमिन्दर सिंह टिन्नी की अध्यक्षता में मंगलवार की दोपहर राजमोहिनी देवी भवन में आयोजित की गई। प्रश्नकाल शुरू होने से पहले मनोनीत सभी पार्षदों को सम्मानित किया गया। इसके बाद प्रश्नकाल शुरू करने के लिए सभापति ने अनुमति दी। लेकिन नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद (Nigam LOP) ने प्रश्नकाल के सवाल से हटकर महापौर के वायरल ऑडियो का जवाब मांगा।
इस सवाल पर सत्तापक्ष के पार्षद एमआईसी प्रमुख मनीष सिंह ने कहा कि यह प्रश्नकाल में सवाल शामिल नहीं है। पहले प्रश्नकाल के सवालों पर चर्चा की जाए। वायरल ऑडियो के सवाल पर सत्ता व विपक्ष के पार्षदों के बीच जमकर हंगामा शुरु हो गया। दोनों पक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए। विपक्ष के पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम को भाजपा जिलाध्यक्ष चला रहे हैं। किसी भी पार्टी के जिलाध्यक्ष निगम को नहीं चला सकते।
दोनों पक्ष के पार्षदों के बीच हंगामे को देखते हुए सभापति ने कहा कि सामान्य सभा की मर्यादा को बनाए रखें। इस पर निगम नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि जब तक एआई द्वारा जनरेटेड महापौर के वायरल ऑडियो का जवाब महापौर द्वारा नहीं मिल जाता, तब तक कार्यवाही आगे नहीं बढ़ेगी। शफी अहमद ने सभापति से आग्रह किया कि अगर आप निश्पक्ष हैं तो वायरल ऑडियो का जवाब दिलवाएं। दरअसल महापौर व भाजपा सरगुजा जिलाध्यक्ष का कलाकेंद्र मैदान में मेला लगाने को लेकर लेन-देन का ऑडियो वायरल हुआ था।
नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि जनता से जुड़े एक भी सवाल प्रश्नकाल में शामिल नहीं किया गया है। सडक़ पर गड्ढों को नहीं भरा जा रहा है। पानी की सप्लाई पर्याप्त नहीं हो पा रही है। जनता के पैसों का दुरूपयोग किया जा रहा है। शहर में 1 करोड़ 75 लाख लीटर पानी की आवश्यकता है। जबकि सप्लाई मात्र 1 करोड़ 30 लाख ही हो पा रही है। ठेकेदार मेंटेनेंस के नाम पर केवल रुपए ले रहा है।
विपक्ष के इन सभी सवालों से घिरे महापौर मंजूषा भगत आक्रोशित हो गईं। उन्होंने कहा कि मैं महिला महापौर हूं, इसलिए मेरी आवाज को दबाया जा रहा है। वायरल ऑडियो के मामले में उन्होंने कहा कि यह मेरा व्यक्तिगत मामला है, थाने में आवेदन दी हूं। महापौर ने कहा कि शहर का विकास विपक्ष को चुभ रहा है। मेरे 15 माह के कार्यकाल में 48 वार्डों में मेरे मंशाअनुसार नाली, सडक़ का कार्य स्वीकृत हो गया है। पिछले 10 वर्षों तक सडक़ पर गिट्टी तक भी भरे नहीं गए थे।
विपक्ष पहले अपने गिरेबां में झांक कर देखे। पानी सप्लाई के सवाल पर महापौर ने कहा कि मैं मानती हूं कि गर्मी के दिनों में पानी की कुछ परेशानी हुई है। वर्षों से नमनाकला कला व बस स्टैंड का क्षेत्र पानी के लिए त्राही-त्राही रहता था। अब पानी टंकी निर्माण का काम शुरू कराया गया है। साढ़े 9 करोड़ की लागत से ग्र्रेविटी लाइन बिछाई जाएगी। महापौर ने कहा कि विपक्ष के कार्यकाल के दौरान भू-माफिया का नाम आया था, जो न्यायालय में चल रहा है।
महापौर (Ambikapur Mayor Manjusha Bhagat) द्वारा दिए गए जवाबों में ऑडियो वायरल का जवाब नहीं मिलने व महापौर के आक्रोश को देखकर विपक्ष ने हंगामा शुरु कर दिया। विपक्ष ने कहा कि महापौर पर सवाल खड़े हुए हैं तो आक्रोशित होने से काम नहीं चलेगा, उन्हें जवाब देना पड़ेगा। इस पर पुन: पक्ष व विपक्ष के बीच हंगामा शुरु हो गया। हंगामे देखते हुए सभापति ने आधे घंटे के लिए दोपहर करीब 1.20 बजे सामान्य सभा की बैठक स्थगित कर बाहर निकल गए। इसके बाद महापौर भी बाहर चलीं गईं।
Updated on:
11 Aug 2026 08:36 pm
Published on:
11 Aug 2026 08:08 pm
