
Ambikapur/बिश्रामपुर. शादी को लेकर दुल्हन के मन में हज़ारों ख्वाब होते हैं। परिवार की खुशी के साथ अपने सपनो को भी पूरा करने कई तरह की तैयारियां होती हैं। मगर जब वही ख़ुशी मातम में बदल जाये तो हर तरफ गम पसर जाता है। अंबिकापुर में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमे दुल्हन की डिमांड पूरी नहीं की गयी तो उसने खौफनाक कदम उठा लिया।
दरवाजे पर 21 अप्रैल की शाम दूल्हा बारात लेकर आने वाला था। घर के सभी लोग खुश थे। बारात आने के एक दिन पहले शुक्रवार की शाम दुल्हन की बड़ी बहन ने बाजार से चांदी की जगह दूसरे मेटल की बिछिया खरीदकर दी। इसे देखकर वह नाराज हो गई। दुल्हन का कहना था कि उसे चांदी की बिछिया ही चाहिए।
बहन के समझाने पर वह मान गई थी लेकिन रात में उसने म्यार में रस्सी के सहारे फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा पश्चात शव को पीएम के लिए भिजवाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि दुल्हन का परिवार अत्यंत गरीब था। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है।
सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर थानांतर्गत ग्राम रामनगर के अडऱापारा निवासी बसंती गोंड़ पिता स्व. जगधारी गोंड़ 21 वर्ष की शादी रामानुजनगर के ग्राम राजापुर निवासी दिलसाय गोंड़ पिता धर्मजीत से तय हुई थी। 21 अप्रैल को दरवाजे पर बारात आने वाली थी। इसी बीच 20 अप्रैल की शाम उसकी बड़ी बहन ने गिफ्ट के रूप में उसे बाजारु बिछिया खरीदकर दी।
बड़ी बहन का गिफ्ट देखकर वह नाराज हो गई। उसने कहा कि उसे चांदी की बिछिया चाहिए। नाराज देखकर बड़ी बहन ने कहा कि शनिवार को वह उसके लिए चांदी की बिछिया खरीद देगी। इसके बाद रात को वह दोनों बड़ी बहनों के साथ खाना खाकर सो गई। इसी बीच रात करीब 1 बजे उसकी मां बेचनी बाई की नींद खुली।
उसने देखा कि घर में बंधा बैल रस्सी तोड़कर भाग रहा है। वह उठकर बाहर जाने लगी तो बेटी को फांसी पर लटके देखा। बेटी ने शादी से एक दिन पहले ही म्यार में रस्सी के सहारे फांसी लगा ली थी। उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद मां चिल्लाई तो घर के सभी लोग उठ गए। वे दुल्हन की लाश देखकर दहाड़ मार-मारकर रोने लगे।
सूचना पर सुबह पुलिस घर पहुंची और पंचनामा पश्चात शव को पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। इधर युवती की मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
शादी से पहले मानसिकता होगी सुधारनी
आए दिन ऐसी कई घटनाएं सामने आती है जिसमे कोई न कोई लड़की किसी कमी की पूरी न होने की वजह से जान दे देती है। परिवार और दोस्तों को इसमें अहम किरदार निभाना होगा जिससे सारी परेशनियों को समझते और साझा करते हुए उन्हें ऐसी मानसिकता से बाहर निकाल सकें ।
आर्थिक तंगी को भी मान रहे कारण
युवती के परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है। पिता की मौत के बाद घर का खर्च जैसे-तैसे चलता है। पुलिस आत्महत्या का कारण भी आर्थिक तंग को ही मान रही है।