
अंबिकापुर।सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत (Surguja collector in action) ने गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक लेकर योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करूंगा। अनावश्यक रूप से मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई होगी। इस दौरान उन्होंने यू-डब्ल्यूआईएन पोर्टल में गर्भवती महिलाओं व बच्चों का हंड्रेड प्रतिशत पंजीयन करने के निर्देश दिए। इसमें लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने 3 बीएमओ को जहां नोटिस जारी किया है, वहीं मैनपाट के 3 आरएचओ के वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने आयुष्मान योजना को लेकर कहा कि कार्ड निर्माण या उपचार में लापरवाही की शिकायत मिलने पर संबंधित अस्पतालों पर कार्रवाई करें। नर्सिंग होम की कार्यप्रणाली पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए। टीकाकरण अभियान की समीक्षा में बतौली, मैनपाट और उदयपुर विकासखंड की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर तीनों बीएमओ को नोटिस जारी किया गया तथा मैनपाट के 3 आरएचओ का वेतन रोकने के आदेश भी दिए गए।
कलेक्टर (Surguja collector released notice) ने यू-डब्ल्यूआईएन पोर्टल पर सभी गर्भवती महिलाओं और बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीएस मार्को, सिविल सर्जन डॉ. जेके रेलवानी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, बीएमओ, डीपीएम, बीपीएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने टीबी उन्मूलन अभियान, निक्षय निरामय योजना और उपचार की समीक्षा करते हुए कहा कि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान करने तथा रात्रिकालीन प्रसव के मामलों में अनावश्यक रेफरल से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराने पर भी जोर दिया।
बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों की भवन स्थिति, चिकित्सकीय उपकरण और दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी बीएमओ को मरम्मत योग्य भवनों (Hospital buildings) की सूची उपलब्ध कराने तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं और उपकरणों का पर्याप्त भंडार रखने के निर्देश दिए।
मलेरिया, डेंगू, डायरिया सहित वेक्टर जनित रोगों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नियमित सर्विलेंस, समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं पीवीटीजी क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम (Anti snake venam) की उपलब्धता रहे।