अंबिकापुर

फीस को लेकर प्राइवेट स्कूलों की ओर से लिए गए ये निर्णय माता-पिता को दे सकती हैं राहत

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को लेकर अभिभावक संघ के आह्वान पर शहर की अधिकांश दुकानें शुक्रवार को रही थीं बंद, प्रबंधन ने की आपात बैठक

2 min read
Private schools meeting
Private schools meeting

अंबिकापुर. निजी विद्यालयों की मनमानी के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शन का असर अब जिले के स्कूलों पर दिखने लगा है। शुक्रवार को शहर बंद का के बाद शनिवार को निजी विद्यालयों के प्राचार्य की बैठक हुई, जिसमें अभिभावकों की मांगों और विद्यार्थियों की पाठ्य पुस्तकों के निर्धारण पर चर्चा हुई। निजी विद्यालयों द्वारा किये जा रहे शोषण पर प्राचार्य की बैठक बैकफुट पर रही।


प्राचार्य ने बैठक में निर्णय लिया कि प्रतिवर्ष 10 फीसदी बढ़ाये जाने वाला शिक्षण शुल्क प्रबंध समिति के साथ अभिभावकों की बैठक में निर्धारित होगा। इस दौरान प्रतिवर्ष निजी विद्यालयों द्वारा लिया जा रहा प्रवेश शुल्क का विरोध किया गया। प्राचार्योँ ने कहा कि प्रवेश शुल्क जिस भी विद्यालय ने लिया है, उसे अभिभावकों को वापस करना होगा।

प्रतिवर्ष विद्यार्थियों के पाठ्यपुस्तकों में बदलाव नहीं किया जाएगा। आवश्यकता पडऩे पर एक या अधिकतम दो पुस्तकों को बदला जायेगा। माध्यमिक स्तर पर एनसीइआरटी की पुस्तकों से पढ़ाया जाएगा। सन्दर्भ पुस्तकों की उपयोगिता ऐच्छिक होगी। आधुनिक शिक्षा में स्मार्ट क्लास की आवश्यता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में स्मार्ट क्लास को कम्पनी के पेटेंट के अनुपात में लिया जाएगा।

बैठक के दौरान कार्मेल स्कूल, होली कॉस, ओरियण्टल पब्लिक स्कूल के प्राचार्य आइए खान सूरी, मोनफोर्ट, सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल के प्राचार्य सीपी सिंह, संत हरकेवल विद्यालय के प्राचार्य जयराम मिश्रा, साईं बोर्डिंग सहित जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्रचार्य उपस्थित रहे।


कंप्यूटर और लाइब्रेरी की फीस भी निर्धारित
बताया गया कि पाठ्यक्रम में कम्प्यूटर शिक्षा अनिवार्य है। कम्प्यूटर का शुल्क विद्यालय में लगे कम्प्यूटरों की संख्या पर निर्भर करेगा। कम्प्यूटर की उपलब्धता की शुल्क का मानक होगा। पुस्तकालय का शुल्क कक्षा एक से लिया जाता है। पुस्तकालय शुल्क पुस्तकों की उपलब्धता के अनुसार निर्धारित होगा। प्राचार्य ने बैठक में निर्णय किया कि पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों की सूची सूचना पट्ट पर चस्पा होगी तथा एक प्रति जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी।


कहीं से भी खरीदे सकेंगे डे्रस व पुस्तकें
बैठक में निर्णय लिया गया कि विद्यार्थी के ड्रेस का मॉडल प्रत्येक विद्यालय के सूचना पट्ट पर लगा रहेगा। अभिभावक शर्ट, पैंट, टाई, बेल्ट किसी भी दुकान से खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। विद्यालयों द्वारा लिया जाने वाला बागवानी का शुल्क विद्यालय में बाग और क्यारियों की उपलब्धता पर निर्धारित होगा।


फिर भी शुल्क का कर रहे बचाव
बैठक के दौरान प्राचार्य ने 11वें निर्णय में कहा है कि निजी विद्यालयों द्वारा लिया जा रहा शुल्क दूसरों शहरों की अपेक्षा कम है। प्राचार्य ने 11वें पायदान पर लिये जा रहे शुल्क का बचाव दूसरे शहरों का उदाहरण दे कर किया है।

Published on:
22 Apr 2018 03:58 pm
Also Read
View All
Cyber Fraud: कॉलेज की छात्रा ने OLX पर डाला विज्ञापन, लिखा- सोफा बेचना है, फिर युवक का आया कॉल और खाता हो गया खाली

Sitapur MLA in Hospital: सीतापुर विधायक देर रात पहुंचे अस्पताल, डॉक्टर-नर्सों से कहा- इलाज में लापरवाही नहीं करूंगा बर्दाश्त

Huge Hemp Seized: छत्तीसगढ़-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर पकड़ाया 1 ट्रक गांजा, 10 करोड़ है कीमत, UP का सरगना समेत 2 गिरफ्तार, ओडिशा से है कनेक्शन

Big Fraud: दुर्लभ वस्तु बेचने के नाम अंबिकापुर के स्क्रैप कारोबारी से 3.08 करोड़ की ठगी, अंतराज्यीय गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार

CSPDCL News: मानसून सिर पर, लेकिन शहर में आधा ही हुआ बिजली मेंटेनेंस, ईई बोले- सुशासन तिहार बनी बाधा