अंबिकापुर

घर जाना है तो… 10-10 हजार रुपए दो! चेन्नई में फंसी छत्तीसगढ़ की तीन युवतियां, ये प्लेसमेंट है या फंसाने का खेल?

Placement Agency Fraud: सरगुजा की तीन युवतियां प्लेसमेंट के नाम पर चेन्नई पहुंचीं और वापस लौटने में परेशानी होने पर विधायक से मदद मांगी। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षित वापसी के लिए कार्रवाई शुरू की है।
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Updated: 22 Jun 2026, 4:28 PM IST
Girls Trapped in Chennai
Girls Trapped in Chennai: चेन्नई में फंसी छत्तीसगढ़ की तीन युवतियां(photo-patrika)

Girls Trapped in Chennai: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की तीन युवतियों के चेन्नई में फंसने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि रोजगार और प्लेसमेंट के नाम पर उन्हें चेन्नई ले जाया गया था। घर वापस लौटने में परेशानी होने पर युवतियों ने सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से फोन पर संपर्क कर मदद मांगी। युवतियों ने अपनी स्थिति बताते हुए सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने पुलिस प्रशासन को तत्काल कार्रवाई कर युवतियों को सुरक्षित वापस लाने के निर्देश दिए हैं।

CG Girls Trapped in Chennai: सिलाई प्रशिक्षण के बाद रोजगार का दिया गया था भरोसा

जानकारी के अनुसार, सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम भरतपुर, बेलजोरा और बिनई की रहने वाली तीनों युवतियों को जशपुर में करीब तीन महीने तक सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें बेहतर रोजगार और नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया। इसके बाद उन्हें चेन्नई के कांचीपुरम ले जाया गया। युवतियों का आरोप है कि उन्हें प्लेसमेंट के नाम पर बाहर भेजा गया था, लेकिन अब स्थिति ऐसी बन गई है कि वे वापस अपने घर लौटना चाहती हैं।

घर वापसी के लिए मांगे जा रहे 10-10 हजार रुपए का आरोप

युवतियों ने बताया कि जब उन्होंने घर लौटने की इच्छा जताई तो उनसे 10-10 हजार रुपए की मांग की जा रही है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके लिए इतनी रकम जुटाना मुश्किल है। परेशान होकर उन्होंने सीतापुर विधायक से संपर्क किया और अपनी समस्या बताई।

विधायक ने पुलिस को दिए जांच के निर्देश

मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक रामकुमार टोप्पो ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर युवतियों की सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। विधायक की पहल के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्लेसमेंट एजेंसी की भूमिका की जांच में जुटी पुलिस

सीतापुर थाना पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवतियों को किस संस्था या एजेंसी के माध्यम से चेन्नई भेजा गया था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पूरे मामले में किसी तरह की धोखाधड़ी, जबरन रोकने या मानव तस्करी से जुड़ा कोई पहलू तो नहीं है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन युवतियों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास में जुटा हुआ है।

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22 Jun 2026, 4:28 PM IST
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