7वें महीने में ही हुई प्रसव पीड़ा, 2 लड़का व एक लड़की ने लिया जन्म, तीनों की हालत नाजुक होने से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराया गया है भर्ती
अंबिकापुर. लखनपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम परसोड़ी की महिला ने बुधवार की सुबह एक साथ 3 बच्चों को जन्म दिया। 7वें महीने में ही प्री-मेच्योर डिलीवरी होने के कारण तीनों बच्चे काफी कमजोर हैं।
2 बच्चों का जन्म महतारी एक्सप्रेस में जबकि तीसरे का जन्म प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ। तीनों बच्चों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों द्वारा उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।
सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक के ग्राम परसोड़ी निवासी फूलेश्वरी मझवार पति रामलाल 27 वर्ष को बुधवार की सुबह 3 बजे प्रसव पीड़ा हुई। इस पर परिजनों द्वारा महतारी एक्सप्रेस को बुलाया गया।
करीब 6 बजे महतारी एक्सप्रेस पहुंची तो 1 बच्चे का वहीं प्रसव कराया गया। इसके बाद महिला को महतारी से गुमगरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया जा रहा था। इस बीच महिला ने वाहन में ही दूसरे बच्चे को जन्म दिया।
फिर तीसरे बच्चे का स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव हुआ। बताया जा रहा है कि तीनों बच्चों का जन्म 7वें महीने में ही हुआ है। फिलहाल सभी को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तीनों का वजन 700 ग्राम से कम
महिला ने 2 लड़के व एक लड़की को जन्म दिया है। इनमें से सभी का वजन 700-700 ग्राम से कम है। एक का वजन 655 ग्राम, दूसरे का 630 ग्राम तो तीसरे का 600 ग्राम है। डॉक्टरों का कहना है कि तीनों बच्चे काफी कमजोर हैं। इस कारण उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।
5 बेटियों को दिया था एक साथ जन्म
गौरतलब है कि फरवरी 2016 में लखनपुर ब्लॉक की ही ग्राम बिनकरा निवासी एक महिला ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक साथ 5 बेटियों को जन्म दिया था। कुछ दिन बाद रायपुर के एम्स में इलाज के दौरान इनमें से 3 की मौत हो गई थी। कोरिया जिले में भी पिछले 2 साल में 2 बार ऐसा हुआ है जब एक साथ 3-3 बच्चों ने जन्म लिया है।