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सायरन की आवाज सुन जाने का रास्ता देते जा रहे थे लोग, फिर सामने आई ये सच्चाई

ब्लॉक मुख्यालय में दम तोड़ती नजर आ रही एंबुलेंस की सुविधा, गंभीर मरीजों को ढो संजीवनी रास्ते में ही हो रही खराब
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बलरामपुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 21 Aug 2018, 10:06 PM IST

Mahtari and sanjivani

Sanjivani and Mahtari

वाड्रफनगर। महतारी के सायरन की आवाज सुनकर सभी उसे रास्ता देते जा रहे थे। लोगों को लगा कि किसी गंभीर मरीज को ले जाया जा रहा होगा। लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो लोगों ने नाराजगी जताई। विकासखंड मुख्यालय वाड्रफनगर में 108 एंबुलेंस की सुविधा दम तोड़ती नजर आ रही है।

बेहतर इलाज, आपातकाल सेवा व सड़क दुर्घटना में भी आपातकालीन तत्काल सेवा से लोग वंचित हो जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला यहां से सामने आया है।


दरअसल मंगलवार को एक कॉल आने पर संजीवनी 108 वाड्रफनगर से बलंगी की ओर गई और यहां से उल्टी-दस्त से गंभीर हुए मरीज को लेकर रघुनाथनगर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। फिर यहां से वापस वाड्रफनगर आने के दौरान संजीवनी एंबुलेंस बीच रास्ते में ही खराब होकर खड़ी हो गई।

इसके बाद संजीवनी चालक द्वारा मदद मांगे जाने पर महतारी एक्सप्रेस का चालक वाहन लेकर पहुंचा और खराब पड़ी संजीवनी को रस्सी से बांध खींचते हुए ले गया। इस दौरान वाहनों का सायरन भी बज रहा था। सायरन सुनकर लोगों को लगा कि शायद किसी गंभीर मरीज को एंबुलेंस से ले जाया जा रहा है, लेकिन नजारा कुछ और ही था।

बीमार पड़ी संजीवनी को सायरन बजाते हुए ले जाया जा रहा था। अब इसी से क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। १०० बिस्तरीय वाड्रफनगर अस्पताल में मरीजों का तांता लगा रहता है, इसलिए यहां दो संजीवनी एंबुलेंस व दो महतारी एक्सप्रेस की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी लेकिन सभी वाहनों की हालत खराब है। यहां पहले से ही एक 108 वाहन वर्कशॉप में है और दूसरे की भी स्थिति खराब हो गई है।


सड़को की हालत जर्जर होने से आ रही खराबी
इस संबंध में संभागीय मेटनेंस अधिकारी अनीष कुरियन ने कहा कि सड़कों की स्थिति खराब होने की वजह से एंबुलेंस में खराबी आ रही है।