
न्यूयार्क। अमरीका के पेन्सिलवेनिया सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कैथलिक चर्च के पादरियों द्वारा किए गए यौन शोषण पर ग्रैंड ज्यूरी रिपोर्ट जारी की है।रिपोर्ट के अनुसार 300 से अधिक पादरियों ने बीते 70 सालों हजार से अधिक बच्चों का यौन शोषण किया है । रिपोर्ट मेंबताया गया है कि चर्चों ने पादरियों के इन गुनाहों को उजागर करने की बजाय उनको छुपा कर पर्दा डालने की कोशिश की है। पेन्सिलवेनिया स्टेट अटॉर्नी जनरल जोश शैपिरो ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह 1000 बच्चों के साथ दुष्कर्म का है। उन्होंने कहा कि मामले की जाँच करने वाली ग्रैंड जूरी का विश्वास है कि यह संख्या और ज्यादा हो सकती है।
अमरीका में मचा हड़कंप
अमरीकी कैथलिक चर्चों में बच्चों के यौन शोषण पर यह अब तक की सबसे बड़ी जांच है। यह जांच 18 महीने तक चली जिसका नेतृत्व पेन्सिलवेनिया स्टेट अटॉर्नी जनरल जोश शैपिरो कर रहे थे। इस ज्यूरी में उनके साथ हैरिसबर्ग, पीट्सबर्ग, ऐलेनटाउन, स्क्रैनटन, एरी और ग्रीन्सबर्ग जिलों के भी अधिकारी शामिल थे। इस रिपोर्ट के पब्लिक होने के बाद अमरीका में हड़कंप मच गया है। दर्जनों पादरियों ने रिपोर्ट को जारी करने से रोकने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था । पादरियों को डर है कि रिपोर्ट में उनके नाम आने से उनकी छवि को गहरा नुकसान पहुंचेगा।
क्या है रिपोर्ट में
1400 पन्नों की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पेन्सिलवेनिया और वैटिकन में चर्च के वरिष्ठ अधिकारियों को इतने बड़े पैमाने पर हुए यौन शोषण की जानकारी थी लेकिन ऐसे मामलों को व्यवस्थित तरीके से छिपाने की कोशिश की गई थी । पेन्सिलवेनिया स्टेट अटॉर्नी जनरल जोश शैपिरो ने कहा कि ऐसे मामलों को छिपाने का फल यह हुआ कि अब ये मामले पुराने होने की वजह से अप्रसांगिक हो गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि पादरियों ने लड़के और लड़कियों दोनों का शोषण किया। रिपोर्ट के मुताबिक पादरियों ने बच्चों के साथ अप्राकृतिक सेक्स भी किया।