
अमेठी. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी दो दिवसीय अमेठी दौरे पर हैं। उनके दौरे का पहला दिन ही विवादों की चपेट में आ गया। सोमवार को राहुल गांधी को थौरी कोटवा सड़क मार्ग का लोकार्पण करना था, जिसका स्थानीय नागरिकों ने विरोध किया। स्थानीय लोगों को कहना था कि राहुल गांधी आधी-अधूरी बनी सड़क का लोकार्पण करने जा रहे थे। विरोध के बाद कांग्रेसियों ने आनन-फानन में पत्थर बदलकर वहां शिलान्यास का पत्थर लगवा दिया। बीजेपी जिलाध्यक्ष उमा शंकर पाण्डेय का कहना है कि अभी सड़क यह सड़क डेढ़ किलोमीटर ही बनी है, इसलिये ग्रामीणों ने इसका विरोध किया है।
मुसाफिर खाना ब्लॉक में राहुल गांधी को पांच किलोमीटर लंबे थौरी कोटवा सड़क मार्ग का लोकार्पण करना था। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली इस सड़क की कीमत 3 करोड़ 30 लाख रुपये है। मुसाफिर खाना ब्लॉक का यह गांव जिला मुख्यालय से उत्तर दिशा में करीब 40-42 किमी दूर है। गौरतलब है कि राहुल गांधी तीन दिवसीय यूपी दौरे पर हैं। वह दो दिन अमेठी में रहेंगे और तीसरे दिन रायबरेली का दौरा करेंगे। उस दिन सोनिया गांधी भी रायबरेली में रहेंगी।
किसानों से पूछा कुशलक्षेम
इससे पहले जब राहुल गांधी का काफिला जैनबगंज पहुंचा तो वह रुककर किसानों से मिले और उनका हाल पूछा। किसानों ने कहा कि भइया सिंचाई के लिये पानी नहीं मिल रहा है। फसल के सही दाम नहीं मिलते। जैसे-तैसे कर्ज़ लेकर फसल तैयार करते हैं, जिसे आवारा जानवर उसे बर्बाद कर दे रहे हैं। किसानों ने राहुल गांधी से सांड की समस्या से छुटकारा दिलाने की गुहार लगाई।
दिवंगत कांग्रेसी नेता के घर पहुंचे राहुल गांधी
दिवंगत कांग्रेसी नेता राजेश के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना जताने राहुल गांधी पाली गांव पहुंचे। कुछ देर शोक संतप्त परिवार के साथ बिताने और ढांढस बंधाने के बाद उनका काफिला रास्तामऊ के लिए निकला। रस्तामऊ में सड़क किनारे चाय की दूकान पर रूककर राहुल गांधी ने चाय पी और स्थानीय लोगों से उनका हालचाल जाना।