वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर वापसी करेंगे अथवा नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन 10 जुलाई को उनके अमेठी दौरे से पूर्व एक आंकलन जरूर लगाया जा रहा है।
अमेठी. देश की राजनीति में इन दिनों राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। कांग्रेस (Congress) की लोकसभा चुनाव (Lok Sabha election 2019) में बडी़ हार से निराश राहुल गांधी ने बीते सप्ताह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से ट्विटर पर चार पन्नों में जिक्र कर पीछा छुड़ाया। इससे कांग्रेस में पादाधिकारियों के इस्तीफे का दौर अब भी जारी है। राहुल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर वापसी करेंगे अथवा नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन 10 जुलाई को उनके अमेठी दौरे से पूर्व यह आंकलन जरूर लगाया जा रहा है कि वे अपने चाचा संजय गांधी (Sanjay Gandhi) की तरह वापसी करने के इच्छुक हैं। वहीं उनके अमेठी आगमन से पहले यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री व अमेठी के प्रभारी मंत्री मोहसिन रजा (Mohsin Raza) ने राहुल पर तंज कसा है।
संजय गांधी की राह पर राहुल-
अमेठी से लोकसभा चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी पहली बार अमेठी आएंगे और पार्टी नेता, कार्यकर्ताओं व जनता से बात करेंगे। संभवतः वह इस दौरान लोगों को संबोधित भी करेंगे। अपने एक दिवसीय दौरे पर वे कार्यकर्ताओं के साथ हार की समीक्षा करेंगे। साथ ही वह यहां की जनता को यह सन्देश देने की भी कोशिश करेंगे कि भले ही वे यहां से हार गए हों, लेकिन फिर भी अमेठी से उनका रिश्ता अटूटा है। ठीक वैसे ही जैसे इमरजेंसी के बाद 1977 में हुए लोकसभा चुनाव में संजय गांधी ने किया था।
संयय गांधी भी अमेठी से चुनाव हार गए थे, लेकिन बावजूद उसके वे लगातार अमेठी के दौरे करते रहे रहे। और जनता से रिश्तों की डोर को मजबूत करते रहे। संजय जब-जब अमेठी आते तब-तब गांधी परिवार व अमेठी की जनता के बीच रिश्तों की बात होती। मुमकिन है कि राहुल गांधी के दौरे पर भी ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिले।
मोहसिन रजा का राहुल पर हमला-
राहुल गांधी के आगमन पर यूपी सरकार के मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री मोहसिन रजा ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की यह पश्चाताप यात्रा है। मोहसिन ने कहा कि अमेठीवासियों ने स्मृति ईरानी के रूप में अपना नया वारिस चुन लिया है। राहुल गांधी अब कांग्रेस अध्यक्ष भी नहीं है और अभी वे यहां कार्यकर्ता के तौर पर आ रहे हैं। रजा ने कहा कि अमेठी के लोगों ने गांधी परिवार के लिए अपने दरवाजे पूरी तरह से बंद कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब वायनाड में भी कुछ दिन बाद जनता राहुल गांधी को खोजेगी।