अमृतसर

कॉरिडोर खुलने के बाद भी हजारों श्रद्धालु रहेंगे करतारपुर जाने से वंचित, यह है वजह

हर सिख श्रद्धालु की इच्छा है कि (Guru Nanak Jayanti 2019) वह पाकिस्तान के (Darbar Sahib Kartarpur Pakistan) करतारपुर (Kartarpur Corridor) जाकर दरबाद साहिब (Kartarpur Sahib Pakistan) के दर्शन करे, लेकिन पाकिस्तान की एक शर्त श्रद्धा की डगर पर अडंगा बन गई है...  

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Nov 11, 2019
कॉरिडोर खुलने के बाद भी हजारों श्रद्धालु रहेंगे करतारपुर जाने से वंचित, यह है वजह

(अमृतसर): गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर वह भारतीय सिख श्रद्धालु पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरद्वारा दरबार साहिब के दर्शन के लिए नहीं जा सकेंगे जिनके पास पासपोर्ट नहीं हैंं। दरअसल, पाकिस्तान ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के दर्शन के लिए पासपोर्ट की शर्त रखी है, जिसकी वजह से हजारों श्रद्धालुओं की करतारपुर जाने की इच्छा पूरी नहीं हो पाएगी। ऐसे श्रद्धालुओं के पास कॉरिडोर खुलने के बाद भी गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में खड़े होकर हाथ जोडक़र प्रार्थना करने के अलावा कोई उम्मीद नहीं है।

पत्रिका ने कई श्रद्धालुओं से बात की तो उनकी पीड़ा छलक उठी। 75 साल की कुलवंत कौर पंजाब के उन हजारों सिख श्रद्धालुओं में से एक हैं, जिनके पास पासपोर्ट नहीं है। इसलिए उन्होंने डेरा बाबा नानक से ही दर्शन किए। जसवीर कौर का कहना है कि मेरे पति के पास पासपोर्ट की वजह से वह तो दो बार करतारपुर साहिब हो आए हैं, लेकिन अब मैं भी चाहती हूं कि पासपोर्ट बनवाकर दर्शन कर लूं।

फिरोजपुर से दर्शन के लिए डेरा बाबा नानक पहुंचे एक अन्य श्रद्धालु बोर सिंह जी तूतांवाले का कहना है कि जब तक पासपोर्ट की शर्त लगी रहेगी है तब तक दर्शन अधूरे हैं। इसके चलते ज्यादातर लोग करतारपुर साहिब नहीं जा पाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें इस बात की खुशी है कि करतारपुर कॉरिडोर खुल गया है। लेकिन पासपोर्ट की जो शर्त लगाई गई है वह सही नहीं है। कॉरिडोर खुलने का असली फायदा तभी मिलेगा, जब हमसे पासपोर्ट न मांगा जाए। हमारे आधार कार्ड और दूसरे परिचय पत्र के आधार पर ही गुरुद्वारे के दर्शनों की इजाजत मिलनी चाहिए।

Updated on:
11 Nov 2019 05:19 pm
Published on:
11 Nov 2019 05:17 pm
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