31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

करतारपुर साहिब से लौटे श्रद्धालुओं ने साझा की यात्रा की सुनहरी यादें, ​जानिए किसने कया कहा?…

डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा भारत-पाकिस्तान के बीच कई मुद्दे हैं। उन्हें उम्मीद जताई कि (Kartarpur Corridor) कॉरिडोर हमारे (Gurdwara Darbar Sahib Kartarpur) संबंध को सामान्य बनाने के लिए एक अच्छी शुरुआत साबित होगा...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अमृतसर

•

image

Prateek Saini

•

Updated: 10 Nov 2019, 7:36 PM IST

Kartarpur Corridor, Gurdwara Darbar Sahib Kartarpur

करतारपुर साहिब से लौटे श्रद्धालुओं ने साझा की यात्रा की सुनहरी यादें

(अमृतसर): करतारपुर कॉरिडोर होते हुए शनिवार को पाकिस्तान के करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए गए श्रद्धालुओं का जत्था वापस भारत लौट आया है। सभी श्रद्धालुओं ने अपनी सुनहरी यादों को साझा किया। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह व पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि बाबा नानक तीर्थ स्थली दर्शन दीदार करके मन बहुत खुश हुआ। उम्मीद है कि यह कॉरिडोर शांति का कॉरिडोर बनेगा। यह दोनों देशों की एक अच्छी शुरुआत है।


यह भी पढ़ें:जब मालिक को बचाने के लिए 'कोबरा' से भिड़ गया 'लादेन', उसके बाद...

डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा भारत-पाकिस्तान के बीच कई मुद्दे हैं। उन्हें उम्मीद जताई कि कॉरिडोर हमारे संबंध को सामान्य बनाने के लिए एक अच्छी शुरुआत साबित होगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह वास्तव में एक अच्छा अनुभव था। उन्हें उम्मीद है कि अंत में कॉरिडोर दोनों देशों के बीच शांति का गलियारा जरूर बन जाएगा। करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते पाक जाने वाले 550 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, हरदीप पुरी, पूर्व उपमुख्यमंत्री व शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल, अभिनेता व सांसद सनी देओल के अलावा पंजाब के सांसद और विधायक शामिल हुए।

यह भी पढ़ें:लालू यादव से मिले हेमंत सोरेन, महागठबंधन को लेकर कही बड़ी बात

एसजीपीसी की ओर से गए इस जत्थे का नेतृत्व श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह कर रहे थे। जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने वापस आने के बाद कहा कि करतारपुर साहब जाकर जीवन धन्य हो गया इस जीवन की यही इच्छा थी कि इस जीवन का यह सबसे बड़ी उपलब्धि थी जो मेरे समय में करतारपुर साहिब का रास्ता खुला और मैंने जत्थे का नेतृत्व किया और दरबार साहब जाकर करतारपुर साहब के दर्शन किए। हम दोनों देशों की सलामती की अरदास करके आए हैं। यह रास्ता अमन और शांति का रास्ता बने यह हमारी अरदास है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानियों ने भी बड़ी गर्मजोशी के साथ जत्थे का स्वागत किया।

पंजाब की ताजा ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

यह भी पढ़ें:Video: करतारपुर साहिब में मत्था टेक झूमे श्रद्धालु