Amroha News: अमरोहा जनपद के मंडी धनौरा क्षेत्र में रविवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भाजपा विधायक राजीव तरारा की कार और एक बाइक के बीच टक्कर हो गई।
BJP mla car attack Amroha: उत्तर प्रदेश के जनपद अमरोहा में रविवार की देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब मंडी धनौरा से भाजपा विधायक राजीव तरारा की गाड़ी एक सड़क हादसे का शिकार होते-होते बची। अमरोहा मार्ग स्थित रेलवे फाटक के पास विधायक की कार में पीछे से एक तेज रफ्तार बाइक आकर टकरा गई।
इस मामूली सी टक्कर ने देखते ही देखते एक बड़े बवाल का रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक के सुरक्षाकर्मियों और बाइक सवार युवकों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हुई, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आरोप है कि टक्कर के बाद जब विधायक के सुरक्षाकर्मी बाहर आए और युवकों को फटकार लगाई, तो विवाद हिंसक हो गया। बताया जा रहा है कि एक सुरक्षाकर्मी द्वारा युवक को थप्पड़ मारे जाने के बाद वहां मौजूद लोगों और बाइक सवारों ने हंगामा शुरू कर दिया।
विधायक राजीव तरारा का आरोप है कि हमलावर युवकों ने उनकी कार पर पीछे से भारी पत्थरबाजी की, जिससे वाहन को क्षति पहुँची। इतना ही नहीं, विधायक ने यह भी दावा किया कि हमलावरों ने सुरक्षा में तैनात सिपाही की कार्बाइन छीनने का प्रयास किया, जिससे उनकी जान पर खतरा बन आया था।
इस संवेदनशील मामले में पुलिस की शुरुआती प्रतिक्रिया और लापरवाही को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। ड्यूटी में शिथिलता बरतने के आरोप में कस्बा चौकी इंचार्ज जुगल किशोर, वरिष्ठ उप निरीक्षक सतीश मौर्य और लेपर्ड पर तैनात सिपाही अंकुश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
एसपी की इस कार्रवाई ने महकमे में हड़कंप मचा दिया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि पुलिस मौके पर समय रहते स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालती, तो विवाद इतना नहीं बढ़ता।
पकड़े गए युवकों के बारे में वरिष्ठ उप निरीक्षक सतीश मौर्य ने निलंबन से पहले बताया था कि दोनों युवक शराब के अत्यधिक नशे में थे, जिसके कारण वे हंगामा कर रहे थे। हालांकि, विधायक राजीव तरारा ने इस मामले को केवल सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि एक साजिश करार दिया है। उन्होंने थाने में हत्या के प्रयास और लूट की धाराओं में तहरीर दी है। विधायक का स्पष्ट कहना है कि उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई है।
सीओ पंकज त्यागी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि विधायक की तहरीर प्राप्त हो चुकी है और इसके हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह महज एक इत्तेफाक था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी।