Amroha Crime: यूपी के अमरोहा में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर गन्ने के खेत में ले जाने के आरोपी 65 वर्षीय व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
Amroha Crime News:अमरोहा जिले के डिडौली थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर गन्ने के खेत में ले जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान याकूब पुत्र जफीर निवासी ग्राम सिनौरा जलालाबाद के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 65 वर्ष बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि पीड़िता करीब 14 वर्ष की नाबालिग बालिका है, जिसे परिजन और स्थानीय लोग मानसिक रूप से अस्वस्थ बताते हैं। आरोप है कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर गन्ने के खेत की तरफ ले गया था। इसी दौरान गांव की कुछ महिलाओं ने दोनों को संदिग्ध परिस्थिति में देखा और तुरंत परिवार व ग्रामीणों को सूचना दी। समय रहते लोगों की सतर्कता से बालिका को सकुशल बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ी घटना टल गई।
घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने थाना डिडौली पहुंचकर आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान पीड़िता के साथ किसी प्रकार का दुष्कर्म होना सामने नहीं आया है, लेकिन आरोपी की नीयत गलत पाए जाने के चलते उसके खिलाफ कठोर धाराओं में कार्रवाई की गई है।
पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
घटना सामने आने के बाद गांव और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच भय और आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते महिलाओं की नजर आरोपी पर नहीं पड़ती तो मामला और गंभीर हो सकता था। वहीं पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस ने घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों से बच्चों, खासकर नाबालिग और मानसिक रूप से कमजोर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने यह भी कहा कि समाज और पुलिस की संयुक्त सतर्कता से ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।