Amroha Crime: यूपी के अमरोहा में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां नशे और घरेलू क्लेश से परेशान परिवार ने ही युवक की हत्या की साजिश रच डाली। मां ने जेवर बेचकर सुपारी की रकम जुटाई।
Family Planned Son Murder:उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। हिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव फरीदपुर में एक परिवार ने अपने ही बेटे की हत्या की साजिश रच डाली। घर में लगातार हो रहे झगड़े, नशे की लत और मारपीट से परेशान परिवार ने ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। मां ने अपने जेवर बेचकर हत्या के लिए रकम जुटाई, पिता ने सहमति दी और छोटे भाई ने अपने अपराधी दोस्त के साथ मिलकर युवक को मौत के घाट उतार दिया।
शनिवार सुबह शहबाजपुर और श्यामपुर गांव के बीच स्थित मध्य गंगा नहर पुल के पास ग्रामीणों ने खून के निशान देखे। शक होने पर जब लोगों ने नीचे झांका तो करीब 15 फीट गहराई में एक युवक का शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र बालियान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में एएसपी अखिलेश भदौरिया और सीओ सदर अभिषेक यादव भी फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और जांच शुरू की। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद शव की पहचान गांव फरीदपुर निवासी दुष्यंत पुत्र पीतम सिंह के रूप में हुई। युवक के सिर पर गहरे चोट के निशान थे और उसका मोबाइल फोन भी गायब था।
शुरुआत में मृतक के पिता पीतम सिंह की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। लेकिन पुलिस को परिवार के व्यवहार और बयान में विरोधाभास नजर आया। इसी आधार पर पुलिस ने पिता पीतम सिंह और छोटे भाई संकित को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों टूट गए और पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया। जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश में मृतक की मां माया देवी और संकित का दोस्त जोली निवासी ढेला नंगला भी शामिल था।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि दुष्यंत लंबे समय से नशे का आदी था। वह आए दिन घर में गाली-गलौज, मारपीट और हंगामा करता था। परिवार के लोग उससे बेहद परेशान थे। उसके झगड़ों को निपटाने और मामलों को दबाने में परिवार की काफी जमीन तक बिक चुकी थी। बावजूद इसके दुष्यंत की आदतों में कोई सुधार नहीं आया। परिवार को लगने लगा था कि अब उससे छुटकारा पाने का एकमात्र रास्ता उसकी हत्या है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि छोटे भाई संकित ने अपने दोस्त जोली को हत्या के लिए पांच लाख रुपये देने का सौदा किया था। शुरुआती रकम के तौर पर मां माया देवी ने अपने जेवर बेचकर 55 हजार रुपये नकद दिए थे। पुलिस के अनुसार जोली पहले से ही कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और इलाके का पेशेवर अपराधी माना जाता है। इसी वजह से परिवार ने हत्या को अंजाम देने के लिए उसी का सहारा लिया।
पुलिस के मुताबिक शुक्रवार रात दुष्यंत रिश्तेदारी से वापस लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे संकित, माया देवी और जोली ने उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पेचकस और ईंट से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर चोट लगने से दुष्यंत की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद शव को मध्य गंगा नहर में फेंक दिया गया ताकि मामला हादसा या आत्महत्या लगे और पुलिस को गुमराह किया जा सके।
पुलिस ने जब दोनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की तो उनके बयान बदलने लगे। इसके बाद सख्ती बरतने पर पिता और छोटे भाई ने पूरी साजिश कबूल कर ली। पूछताछ में उन्होंने बताया कि परिवार लंबे समय से दुष्यंत की हरकतों से परेशान था और कई बार उसे समझाने की कोशिश भी की गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आखिरकार पूरे परिवार ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बना डाली।
इस खौफनाक घटना के सामने आने के बाद पूरे अमरोहा जिले में सनसनी फैल गई है। गांव फरीदपुर में लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे कि एक मां अपने बेटे की हत्या के लिए जेवर बेच सकती है और छोटा भाई अपने ही बड़े भाई की सुपारी दे सकता है। पुलिस ने मामले में आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं फरार आरोपी जोली की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।